तेरह साल पुराने हमले में 16 दोषियों को सजा,लेकिन कोर्ट से निकलते ही सब फरार..

जोधपुर पुलिस कार्रवाई

तेरह साल पुराने हमले में 16 दोषियों को सजा,लेकिन कोर्ट से निकलते ही सब फरार..

दैनिक खबरां,जोधपुर। ओसिया के पडासला गांव में करीब 13 साल पहले बस्ती पर हमला और आगजनी की घटना के दोषियों को एससी-एसटी कोर्ट ने सात-सात साल की सजा सुनाई, लेकिन पुलिस और कोर्ट प्रशासन की चूक से सभी आरोपी सजा सुनने के तुरंत बाद फरार हो गए।

26 सितंबर को कोर्ट ने 16 दोषियों को दोषी ठहराते हुए चालानी गार्ड को हिरासत में लेने के आदेश दिए थे। मगर जब तक गार्ड मौके पर पहुंचे, तब तक सभी आरोपी कोर्ट से भाग निकले। इस लापरवाही के बाद भी पुलिस ने न तो आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई की और न ही मामले को समय पर उजागर किया।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट रीडर संजय पुरोहित ने इस घटना को लेकर उदय मंदिर थाने में केस दर्ज करवाया। लेकिन पुलिस ने पूरे छह दिन तक मामला दबाए रखा और इसे मॉर्निंग रिपोर्ट में भी शामिल नहीं किया। हैरानी की बात है कि घटना सामने आने के बाद भी अब तक एक भी आरोपी गिरफ्त में नहीं आया है।

2012 की थी बड़ी वारदात
31 जनवरी 2012 को पडासला गांव में 150 से 200 लोगों ने हमला बोल दिया था। बस्ती में घरों को आग लगा दी गई थी और फायरिंग तक हुई थी। इस हमले में छह लोग घायल हुए थे। परिवादी की रिपोर्ट पर ओसियां थाने में 19 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इनमें से तीन की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 16 को कोर्ट ने सजा सुनाई।

इनको मिली सजा
जिन्हें सात-सात साल की सजा सुनाई गई, उनमें पडासला निवासी जगदीश राम जाट, हनुमान राम जाट, चेनाराम जाट, जगदीश जाट, ओमाराम जाट, दीपाराम जाट, इमरता राम जाट, अचलाराम जाट, लालाराम जाट, भीकाराम जाट, जसाराम जाट, कुंभाराम जाट, अशोक जाट, पुनाराम जाट और चाडी निवासी मांगीलाल बिश्नोई व खींवकरण सिंह उर्फ खियाराम जाट शामिल हैं।