बीकानेर, दैनिक खबरां। जिले के सेरुणा थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों का आरोप है कि खेत पर काम करने वाले दो मजदूरों ने उसकी इज्जत लूटी और विरोध करने पर उसे पानी की डिग्गी में फेंककर मार डाला। परिवार खेत पर ही रहता है और खेत को ठेके पर दिया गया था, जिसके तहत बेनीसर निवासी ओंकारनाथ सिद्ध और जोराराम नायक नाम के दो मजदूर काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस नें इसे हादसा मानते हुए सिर्फ मर्ग दर्ज की थी,जिससे परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सेरुणा थाने पहुंच गए और जमकर विरोध किया। दबाव बढ़ने पर देर रात दुष्कर्म और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
परिजनों द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक घटना 3 दिसंबर की रात की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार रात करीब साढ़े दस बजे जोराराम ढाणी पर पहुंचा और चाय मांगने लगा। बार-बार आग्रह करने पर चाय बनाई गई और मां ने बेटी को चाय देने भेजा। कुछ ही देर बाद बेटी की चीख सुनाई दी। मौके पर पहुंचे तो दोनों आरोपी उसे पकड़कर दबाए हुए थे और विरोध करने पर युवती को डिग्गी में फेंककर फरार हो गए। ग्रामीणों ने डिग्गी तोड़कर पानी खाली किया तब युवती का शव बाहर निकाला जा सका। पुलिस को सूचना दी गई लेकिन प्रारंभिक जांच में इसे हादसा मानते हुए सिर्फ मर्ग दर्ज कर लिया गया, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सेरुणा थाने पहुंच गए और जमकर विरोध किया। दबाव बढ़ने पर देर रात दुष्कर्म और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

इस बीच परिजनों ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वे थाने और अस्पताल में थे तभी आरोपियों के परिजन ट्रैक्टर–ट्रॉली लेकर खेत पहुंचे और 23 बीघा खेत से करीब 300 क्विंटल मूंगफली चोरी कर ले गए। घटना के बाद से ग्रामीणों में रोष लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ उप जिला चिकित्सालय की मोर्चरी के बाहर परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण धरने पर बैठ गए।

धरनार्थियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सबूत नष्ट करने और मूंगफली चोरी करने वालों पर नामजद मुकदमा दर्ज करने, काश्तकार द्वारा पीड़िता के खेत पर किए गए कथित अवैध कब्जे को हटाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों व आंदोलन समिति को तुरंत सौंपने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने पुलिस पर संवेदनहीनता और मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए सेरुणा थाना अधिकारी के निलंबन की मांग भी रखी है। मौके पर भारी भीड़ जमा है और लगातार नारेबाजी की जा रही है। वहीं बीकानेर से पहुंची एफएसएल टीम घटनास्थल से सबूत जुटाकर वापस लौट गई है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी है।

