Vasundhara Raje : आज ‘चारभुजा नाथ’, ‘द्वारकाधीश’ और ‘एकलिंगजी’ के दर पर हाजिरी, जानें और क्या ख़ास?….

जयपुर धर्म विचार

Vasundhara Raje : आज ‘चारभुजा नाथ’, ‘द्वारकाधीश’ और ‘एकलिंगजी’ के दर पर हाजिरी, जानें और क्या ख़ास?

जयपुर, @dainikkhabraan। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की चार दिवसीय ‘देव दर्शन’ धार्मिक यात्रा आज दूसरे दिन भी जारी रहेगी। राजे आज राजसमंद स्थित चारभुजा नाथ मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर के अलावा उदयपुर के एकलिंगजी मंदिर में दर्शन करेंगी।

इस दौरान स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं और आमजन द्वारा स्वागत-अभिनन्दन का कार्यक्रम जारी रहेगा। यहां राजे कुछ जगहों पर सभा को संबोधित भी कर सकती हैं।

आज तीन मंदिरों में दर्शन करने के बाद वे शाम को राजसमंद के नाथद्वारा पहुंचकर विश्राम करेंगी। इधर, राजे समर्थित नेता पूरे दौरे के दौरान उनके साथ रहेंगे।

जानकारी के अनुसार राजे सबसे पहले बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी से रवाना होकर झाड़ोल पहुंचेंगी, जहां वे मावली विधायक धर्मनारायण जोशी के घर जाकर परिवार में हुए निधन पर संवेदना व्यक्त करेंगी। इसके बाद वे उदयपुर पहुंचकर राजसमंद की दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी के घर जाकर भी शोक जताएंगी।

दिवंगत नेताओं के यहां शोक जताने के बाद राजे की धार्मिक यात्राएं जारी रहेंगी। सबसे पहले वे चारभुजानाथ मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन करेंगी, फिर द्वारकाधीश मंदिर और आखिर में उदयपुर पहुंचकर एकलिंगजी मंदिर के दर्शन करेंगी।

उदयपुर में एकलिंगजी मंदिर के दर्शन करने के बाद वे नाथद्वारा के लिए रवाना हो जाएंगी, जहां उनके रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है। अगले दिन यानी गुरुवार 25 नवंबर को वे सुबह नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन करते हुए धार्मिक यात्रा के तीसरे शुरुआत करेंगी।

गौरतलब है कि वसुंधरा राजे ने मंगलवार को चित्तौड़गढ़ स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन करने के साथ ही ‘देव दर्शा’ धार्मिक यात्रा की शुरुआत की है। यात्रा के पहले ही दिन राजे के समर्थकों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया है। यहां हुई विशाल सभा में राजे का स्वागत-अभिनन्दन हुआ और उन्होंने सभा को सम्बोधित भी किया।

इन नेताओं ने संभाला मोर्चा
पूर्व मंत्री यूनुस खान, राजपाल सिंह शेखावत, विकास मगरा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हरिसिंह रावत ने रविवार को ही चारभुजानाथ पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया था। वहीं राजे समर्थित नेता प्रहलाद गुंजल और नाथूलाल गुर्जर भी व्यवस्थाएं संभालने में मुस्तैद दिखाई दिए हैं।