धनतेरस के दिन गाड़ी से गायब हुए रुपए 9 माह बाद चूहों की बदौलत वापिस मिले,नेक्सा के कर्मचारियों की ईमानदारी बनी मिसाल..
दैनिक खबरां, बीकानेर। (नारायण उपाध्याय)।आज के इस भयंकर कलयुग में जहां लोग रोज ठगी मारने के नित नए तरीके इजाद करते हैं। महज कुछ पैसों के लिए जहां भाई-भाई व दोस्तों के बीच झगड़े हो जाते हैं वहीं समाज में कुछ ऐसे लोग अभी भी हैं जो दूसरों के पैसों को अमानत समझकर उन्हें उसके असली मालिक तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों की बदौलत आज भी ईमानदारी जिंदा है। ऐसी ही ईमानदारी की एक मिसाल बीकानेर में बिछवाल स्थित नेक्सा सर्विस सेंटर के कर्मचारियों ने पेश की है। जंहा सर्विस के लिए आई गाड़ी में रखे तीस हजार रुपए कार मालिक को फोन कर लौटाये तो कार मालिक किसन नाथ को एक बार तो यकीन ही नहीं हुआ कि ये उसके रुपए है क्योंकि सर्विस सेंटर के कर्मचारियों के अनुसार यह रुपए कार के इंजन में से मिले है। थोड़ी देर सोच विचार करने के बाद नोट गिनकर देखें तो एकाएक कार मालिक किसन नाथ को याद आया कि ये रुपए उसकी कार से बीते वर्ष धनतेरस को गायब हुए थे और दो चार नोट चूहों ने कुतर रखे थे ऐसे में करीब 9 माह बाद गायब हुए रुपए पाकर किसन नाथ का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नेक्सा के कर्मचारियों की ईमानदारी आज के इस युग में आम आदमी के लिए प्रेरणादायक है। आमजन को इसकी सीख लेनी चाहिए।
यह है पूरा मामला….
दरअसल, बुधवार को बिछवाल स्थित नेक्सा सर्विस सेंटर में खारा में मूंगफली दाना मिल ओमकारा इंडस्ट्रीज के मालिक किसन नाथ अपनी कार की सर्विस करवाने के लिए छोड़ कर गए थे। थोड़ी देर में नेक्सा के कर्मचारी सर्विस ऐडवाइजर मोहम्मद आसिफ व टेक्निशीयन दर्शन शर्मा ने नाथ को फोन कर कहा कि आपकी गाड़ी के इंजन में नोट का बंडल मिला है, इस पर एकबार तो नाथ को विश्वास नहीं हुआ और वे सर्विस सेंटर पहुंचे तो देखा इंजन के बाहरी हिस्से में नोट फंसे हुए है और ज़ब नोटों को गिनकर देखा तो तीस हजार है और उसमे से कुछ नोट चूहों के कुतरे हुए है। आखिर एकाएक उन्हें याद आया कि ये रुपए तो धनतेरस को उसकी कार से गायब हुए है। करीब 9 माह बाद गायब हुए रुपए वापिस मिलने पर किसन नाथ ने नेक्सा के कर्मचारीयों की ईमानदारी पर उनको धन्यवाद ज्ञापित कर सबको ख़ुशी में मिठाई खिलाई और नाथ ने इसे आम आदमी के लिए प्रेरणादायक बताया।

