छात्रसंघ चुनाव : हाईकोर्ट के इस फैसले से कई दिग्गज छात्रनेता चुनावीं रेस से हुए बाहर

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जोधपुर/जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में जज महेश गोयल ने छात्रों को उम्र सीमा में रियायत देने की याचिका को खारिज कर दिया है। गोयल ने कहा कि छात्र जीवन में चुनाव से ज्यादा जरूरी पढ़ाई है। आप लोगों को पढऩे से नहीं रोका जा रहा है। इसलिए अच्छे से पढ़ाई करें। वहीं, नरेंद्र यादव द्वारा एडमिशन की याचिका को लेकर आज सुनवाई नहीं हो पाई। दरअसल, राजस्थान में कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले 2 साल से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए थे।

वहीं, इस बार 26 अगस्त को छात्र संघ चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव में भाग्य आजमाने के लिए बड़ी संख्या में छात्रनेता अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे छात्र भी हैं। जो पिछले 2 साल से चुनाव नहीं लड़ पाए थे। लेकिन इस बार उनकी एज लिमिट 25 साल के पार कर गई है।

जिसकी वजह से उन्होंने हाईकोर्ट से उम्र सीमा में छूट देने की मांग की थी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद छात्र संघ चुनाव में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। छात्र नेता लोकेंद्र ने कहा- पिछले 2 साल से कोरोना संक्रमण की वजह से हम चुनाव नहीं लड़ पाए।

वहीं अब जब चुनाव लडऩे का मौका आया तब उम्र सीमा की बंदिश ने हमें बांध लिया है। जो पूरी तरह गलत है। जिस तरह सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं को उम्र सीमा की रियायत दी है। उन्हें छात्र नेताओं को भी रियायत देनी चाहिए थी। छात्र नेता संजय चेच, नरेंद्र यादव, राहुल मीणा समेत सात छात्रों ने हाईकोर्ट में उम्र सीमा में छूट देने की मांग की थी।