जिस शव को अस्पताल पहुंचाया, वही निकला बेटे का: भीषण हादसे में तीन की मौत, दो घायल
दैनिक खबरां नेटवर्क। जिस शव को अस्पताल पहुंचाया, वही निकला बेटे! जी हाँ… कुछ ऐसा ही मामला बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र के भगतपुरा गांव से सामने आया है। जंहा बुधवार रात करीब 9:30 बजे दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में तीन युवकों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयानक था कि दोनों बाइकों के आगे के हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इस भीषण दुर्घटना में गांव के जेफरीन (40) भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद कर रहे थे। वे एम्बुलेंस से शव उतारने तक में सक्रिय रहे, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि उन्हीं शवों में उनका अपना बेटा ऐरोन (17) भी शामिल है। ऐरोन 11वीं कक्षा में पढ़ता था और उसका घर हादसे के स्थल से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है।
समाजसेवी हरिश्चंद्र कलाल ने बताया कि जेफरीन घायलों को गाड़ी में चढ़ाने में मदद कर रहे थे। उन्होंने गंभीर घायलों को एमजी हॉस्पिटल तक पहुंचाया और वहां भर्ती करवाया। इसके तुरंत बाद एम्बुलेंस में तीन मृतकों के शव भी अस्पताल पहुंचे। लहूलुहान हालत में होने के कारण जेफरीन अपने बेटे को पहचान नहीं पाए।
घर लौटने पर जब उन्हें अपने बेटे की मौत की खबर मिली, तो जेफरीन बेसुध होकर गिर पड़े। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे में ऐरोन के साथ रमेश कटारा (30) पुत्र कोदर कटारा और खोमा चरपोटा (32) पुत्र बबला चरपोटा की भी मौके पर ही मौत हुई। घायल वीरेंद्र प्रजापत (25) और रामा दायमा (30) को गंभीर स्थिति के कारण उदयपुर रेफर किया गया। सदर सीआई बुधाराम बिश्नोई ने बताया कि हादसा इतना भयंकर था कि दोनों बाइकों के आगे के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे की जांच जारी है। पूरे गांव में इस त्रासदी से मातम छा गया और लोगों में हादसे की भयावहता को लेकर खौफ व्याप्त है।

