बीकानेर में सीजेआई के सामने गूंजी हाईकोर्ट बेंच की मांग,वकीलों ने लगाये नारे

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बीकानेर में सीजेआई के सामने गूंजी हाईकोर्ट बेंच की मांग

बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के सभागार में शनिवार को आयोजित सेमिनार उस समय सुर्खियों में आ गया, जब देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई के संबोधन के तुरंत बाद वकीलों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। वकीलों की मांग थी कि बीकानेर में राजस्थान हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाए।

सेमिनार का विषय था भारतीय संविधान के 75 वर्ष और डॉ. भीमराव अंबेडकर का योगदान। सभागार में करीब एक हजार लोग मौजूद थे। वकीलों की बड़ी संख्या को देखते हुए कई को सीटें न मिलने पर सीढ़ियों और किनारों पर बैठना पड़ा। जैसे ही सीजेआई ने भाषण समाप्त किया, वकील खड़े होकर “वी वांट हाईकोर्ट” के नारे लगाने लगे।

नारेबाजी के बीच सीजेआई गवई दोबारा मंच पर आए और कहा कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना राज्य सरकार के प्रस्ताव पर निर्भर करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से चर्चा करेंगे और आने वाले नए मुख्य न्यायाधीश से भी इस पर बात करेंगे। इसके बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष विवेक शर्मा ने वकीलों को शांत कराया और कहा कि सीजेआई की बात पर भरोसा करना चाहिए।

अपने संबोधन में सीजेआई ने संविधान की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान ने सभी को समान अधिकार दिए हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि विधायक सिद्धि कुमारी और उनके यहां कार्यरत कर्मचारी दोनों को ही समान मतदान का अधिकार है। कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि संविधान सभा में महिलाओं को मतदान अधिकार देने का सबसे पहले समर्थन डॉ. अंबेडकर ने किया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विजय पूनिया ने स्वागत भाषण में विधायक सिद्धि कुमारी का नाम गलती से दीया कुमारी ले लिया, जिस पर सभागार में हल्का-फुल्का हास्य माहौल बन गया।तीन घंटे चले इस कार्यक्रम के बाद सीजेआई का बीकानेर प्रवास एक दिन और बढ़ा दिया गया। अब वे रविवार सुबह दिल्ली रवाना होंगे।