बाल अपचारियों को लॉरेंस गैंग ने फरार करवाया, महज 22 दिन में दूसरी घटना, बाल सुधार गृह के स्टाफ नहीं थे ड्यूटी पर

जयपुर राजस्थान राज्य

बाल अपचारियों को लॉरेंस गैंग ने फरार करवाया, महज 22 दिन में दूसरी घटना, बाल सुधार गृह के स्टाफ नहीं थे ड्यूटी पर

जयपुर। जयपुर में बाल सुधार गृह के कमरे की दीवार तोड़कर बाल अपचारियों के भागने के मामले में वहां के स्टाफ की भारी लापरवाही सामने आई है। घटना के समय मौके पर कोई स्टाफ नहीं था। सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

मंगलवार रात करीब 8 बजे ट्रांसपोर्ट नगर इलाके के सेठी कॉलोनी स्थित बाल सुधार गृह से फरार हुए 20 में से 10 बाल अपचारियों को पकड़ लिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लॉरेंस गैंग से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि बाल अपचारियों को भगाने में लॉरेंस के गुर्गे का हाथ है। 12 फरवरी को भी लॉरेंस के एक गुर्गे समेत 22 नाबालिग सुधार गृह से फरार हो गए थे। इन दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस का कहना है कि लॉरेंस का गुर्गा नाबालिगों को मिलाकर गैंग बना रहा है।

लॉरेंस गैंग के सम्पर्क में होने की जानकारी

सूत्रों की मानें तो मंगलवार की रात बाल सुधार गृह से भागे बाल अपचारियों का संबंध 12 फरवरी को भागने वाले नाबालिगों से है। लॉरेंस के गुर्गे ने ही यहां पर अपनी गैंग बनाई है। लॉरेंस का गुर्गा 12 फरवरी को भागने के बाद से पुलिस की पकड़ में नहीं आया। कल जो लड़के भागे वह लॉरेंस के गुर्गे के सम्पर्क में थे। पुलिस को आशंका है कि ये लोग बाहर निकल कर अपनी गैंग बना रहे हैं। लॉरेंस के गुर्गे ने सुधार गृह में रहते हुए कई जानकारी इन नाबालिगों को दी थी। उनके तलाश में पुलिस की कुछ टीमें हरियाणा भी गई हुई हैं।

कल रात भागे 20 नाबालिगों में से 10 पकड़े गए

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया- पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर रेड कर बाल अपचारियों को पकड़ने का प्रयास किया। 10 नाबालिगों को पकड़ लिया गया है। बाकी को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बाल अधिकारिता विभाग को अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है।