करंट से झुलसे बच्चों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, खींवसर बोले- बच्चों की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता; जिसने अवैध कॉलोनी में लाइन बिछाई वह दोषी
जयपुर। कोटा में हाईटेंशन लाइन से झुलसने के बाद गंभीर घायल हुए 5 बच्चे जिनको जयपुर रैफर किया गया है। उनकी कुशलक्षेम पूछ आज हेल्थ मिनिस्टर गजेन्द्र सिंह खींवसर एसएमएस पहुंचे। यहां उन्होंने परिजनों से बात करके उन्हें अच्छे से अच्छा ट्रीटमेंट दिलवाने और बच्चों को जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर मंत्री ने बताया- हमने इन बच्चों के ट्रीटमेंट के लिए अलग से टीम बनाई है। उन्हें निर्देश दिए हैं कि सबसे पहले बच्चों की जान बचाने का प्रयास किया जाए। उसके बाद बर्न हुए बच्चों की प्लास्टिक सर्जरी की जाए। वहीं, इस मामले पर मंत्री खींवसर ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यहां बच्चों की गलती नहीं बल्कि सबसे बड़ी गलती उसकी है जिसने यहां ये लाइन बिछाई। कॉलोनी अवैध है। कच्ची बस्ती है। उसके बावजूद यहां हाईटेंशन लाइन क्यों बिछाई गई? इसके लिए कोटा कलेक्टर जांच कर रहे है।
एसएमएस के अधीक्षक डॉक्टर अचल शर्मा ने बताया- जो बच्चे यहां आए हैं, उनमें से दो की हालत ज्यादा गंभीर है। इनमें 35 से लेकर 92 फीसदी तक बर्न है। इनमें से एक बच्चे के हाथ को बचाने के लिए देर रात सर्जरी भी की गई। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि सभी बच्चों को बचाकर उन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जाए।
क्या है मामला
आपको बता दें कि 8 मार्च को कोटा के कुन्हाड़ी थाना इलाके सगतपुरा स्थित काली बस्ती में महाशिवरात्रि पर्व पर निकाली जा रही शिव बारात में हाइटेंशन लाइन से करंट फैल गया। इससे शिव बारात में शामिल 16 बच्चे झुलस गए हैं। इनमें से 5 की हालत गंभीर होने पर कल उन्हें देर शाम जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल रैफर किया गया था।

