बेटी हुई तो तीन बार कह दिया तलाक, मुस्लिम महिला ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

जयपुर

बेटी हुई तो तीन बार कह दिया तलाक, मुस्लिम महिला ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

दैनिक खबरां नेटवर्क। राजस्थान की राजधानी जयपुर में तीन तलाक का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया। महिला का गुनाह इतना था कि उसे बेटी पैदा हुई थी। महिला ने इससे पहले भी पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसे उसने वापस ले लिया था। 

महिला का नाम शाहनाज है और उसने अपने पति अमानुल्लाह पर तीन तलाक देने का आरोप लगाया था। शाहनाज और अमानुल्लाह का निकाह 2020 में हुआ था। शाहनाज ने कहा कि मैंने एक लड़की को जन्म दिया, इस वजह से मेरे पति ने मुझे तीन बार तलाक कहकर तलाक दे दिया।

मेरे पति का कहना है कि यह उसकी ओर से गिफ्ट है। बेटियां वंश को आगे नहीं ले जा सकती और यह सिर्फ बेटे ही कर सकते हैं। शाहनाज ने यह भी कहा कि उसने पहले भी पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसे उसने भविष्य में अच्छा बर्ताव करने का आश्वासन देने पर वापस ले लिया था।

शाहनाज ने कहा कि इससे पहले भी मैंने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दी थी। वह मुझ पर अत्याचार करते थे। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे भविष्य में मुझे परेशान नहीं करेंगे और इसका एक समझौता भी कराया था। लेकिन सिलसिला थमा नहीं। मुझ पर अत्याचार हुआ और बेटी का जन्म होने के बाद मेरे पति ने  परिवार के सामने तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ दिए। शाहनाज ने अपनी नई शिकायत में पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

जयपुर पुलिस के एएसपी सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि 29 अक्टूबर को एक शिकायत प्राप्त हुई है। इसमें महिला ने पति पर तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ने की बात कही है। इसके बाद उसके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया गया। उसके साथ मारपीट की गई। इस मामले में तत्काल सक्रियता दिखाते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है।

एक सामाजिक कार्यकर्ता ने भी दावा किया है कि महिला ने पारिवारिक मामलों को लेकर उससे संपर्क साधा था। सामाजिक कार्यकर्ता निशाद हुसैन ने कहा कि महिला ने मुझसे पहले भी संपर्क किया था और कहा था कि उसका पति और ससुराल वाले उसे अपने साथ नहीं रहने देना चाहते हैं। मैंने पति को भी समझाइश दी थी

लेकिन ऐसा लगता है कि सुलह नहीं हुई है। कानून अपनी जगह है, लेकिन उसका सही तरीके से पालन नहीं हुआ। भारत में तीन तलाक या तलाक-ए-बिद्दत पर 2019 में प्रतिबंध लगा था। इसके तहत कोई भी मुस्लिम युवक अपनी पत्नी को तीन बार तलाक कहकर संबंध तोड़ सकता था।