जिम्मेदारों की आंखों के नीचे यूआईटी की स्वर्ण जयंती योजना में हो रहा भ्रष्टाचार,आम आदमी हो रहा कंगाल,ये हो रहे मालामाल,पढ़े विशेष खबर..

Editor बीकानेर

जिम्मेदारों की आंखों के नीचे यूआईटी की स्वर्ण जयंती योजना में हो रहा भ्रष्टाचार,आम आदमी हो रहा कंगाल,ये हो रहे मालामाल,पढ़े विशेष खबर..

पत्रकार नारायण उपाध्याय की सडें स्पेशल रिपोर्ट
बीकानेर@दैनिक खबरां। शहर के सागर रोड़ पर यूआईटी द्वारा स्वर्णजयंती विस्तार योजना में बनाए गए ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैटस में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है और कमाल की बात यह है कि आज दिनांक तक भी कमोबेश हो रहा है, यानी कि अब भी जारी है। यूआईटी द्वारा बीते कुछ दिन पहले एक समारोह में मंत्री कल्ला के हाथों से फ्लैट्स आवंटियों को चाबी सौंपी गई थी। जिसके बाद से फ्लैट्स निर्माण में विभिन्न तरह की खामियों व लीपापोती और भ्रष्टाचार को लेकर कई वायरल वीडियो सामने आ चुके है। वहीं फ्लैट्स आवंटी कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुके है। इन सब के बीच फ्लैट्स आवंटियों ने एक सोसायटी का भी गठन किया है। हर रविवार इसमें मंत्रणा भी हो रही है।

लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी यूआईटी के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अभी वर्तमान में इन फ्लैट्स के पास एक चारदीवारी का निर्माण हो रहा है,इस चारदीवारी के अंदर पानी का कुंआ बनाया गया है यहां से पानी की सप्लाई फ्लैट्स में होनी है। रविवार को दैनिक खबरां की टीम ने मौके पर देखा तो चारदीवारी के निर्माण में सरेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा था। जहां ईंटो के छोटे टुकड़ों को जोड़कर दीवार का निर्माण किया जा रहा था। इससे भी आश्चर्यजनक दृश्य तो ये था कि निर्माण सामग्री घटिया स्तर की काम में ली जा रही थी। जिसमे सीमेंट की जगह चिकनी मिट्टी को काम में लिया जा रहा था,खानापूर्ति के नाम पर केवल ऊपर से सीमेंट का लेप किया जा रहा था। निर्माण सामग्री में सभी मानकों को अनदेखा किया जा रहा था। देखें विडीयो..

एक आवंटी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जब इन फ्लैटों का निर्माण हो रहा था,तो कंपनी के गार्ड फ्लेटो को देखने की अनुमति नही देते थे, इसके पीछे कंपनी की मंशा यह थी कि किसी बाहरी व्यक्ति को निर्माण सामग्री के बारे जानकारी ना लग पाए। अब जब फ्लैट्स की चाबी उन्हें सौंपी गई है तो कंपनी और यूआईटी अधिकारियों की मिलीभगत सबके सामने आ रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि खुलेआम हो रहे इस भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार कब एक्शन लेंगे?? क्या ये भ्रष्टाचारी सरकारी खजाने और जनता को यूं ही चुना लगाते रहेंगे??