शिक्षा विभाग का विरोधाभासी आदेश: निजी स्कूलों को बोर्ड तैयारी की छूट, सरकारी स्कूलों में कड़ाई से अवकाश
दैनिक खबरां,बीकानेर। शिक्षा विभाग ने समस्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए निजी और सरकारी स्कूलों में अवकाश को लेकर नया आदेश जारी किया है। दो दिन पहले 13 से 26 अक्टूबर तक स्कूलों में अवकाश को लेकर सख्त चेतावनी दी गई थी, जिसमें संस्था प्रधानों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि अवकाश के दौरान विद्यालय खोलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन आज विभाग ने अपने ही आदेश में बड़ा संशोधन करते हुए निजी स्कूलों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और दोहरान कार्य के लिए अवकाश के दौरान पढ़ाई करने की विशेष छूट दे दी है। वहीं, राजकीय विद्यालयों में शिविरा पंचाग के अनुसार अवकाश रहेगा और किसी भी प्रकार की शैक्षिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग पर भेदभाव और विरोधाभास का आरोप तेज़ हो गया है। विशेषज्ञों और समाज के कुछ वर्गों का कहना है कि शिक्षा विभाग जब सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के बीच भेदभाव करने में लग जाता है, तो यह शिक्षा नीति के समान रूप से लागू होने के सिद्धांत के खिलाफ प्रतीत होता है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूल बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पांच दिवसीय प्रकाश पर्व को छोड़कर शैक्षिक गतिविधियों का संचालन कर सकते हैं। वहीं, यदि कोई निजी स्कूल निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध गैर सरकारी शिक्षण संस्थान अधिनियम 1989, 1993 तथा संशोधित 2011 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हालांकि, हास्यपद और विवादास्पद पहलू यह है कि राजकीय स्कूलों के छात्र वही सुविधा प्राप्त नहीं कर पाएंगे जो निजी स्कूलों के छात्रों को दी जा रही है। ऐसे में प्रदेश में शिक्षा विभाग के इस कदम को लेकर चर्चा और बहस तेज़ हो गई है कि क्या विभाग वास्तव में समान शिक्षा नीति लागू कर रहा है या निजी संस्थानों के लिए नियम में छूट दे रहा है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश की पूरी तरह पालना सुनिश्चित कराएं और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई करें।

