बीकानेर संभाग: रिश्वत लेते कांस्टेबल गिरफ्तार, मामले को रफा-दफा करने के लिए 20 हजार रुपए मांगे, 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया…..

चुरू पुलिस कार्रवाई बीकानेर

रिश्वत लेते कांस्टेबल गिरफ्तार,रुपयों के लेन-देन के मामले को रफा-दफा करने के लिए 20 हजार रुपए मांगे, 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया

राजगढ़/चुरू, @dainikkhabraan। सादुलपुर तहसील के हमीरवास थानान्तर्गत रामपुरा पुलिस चौकी का कांस्टेबल रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। चूरू की एसीबी टीम ने रिश्वत के पांच हजार रुपए बरामद किए है। कांस्टेबल ने लेन-देन के मामले को रफा-दफा करने की एवज में 20 हजार रुपए मांगे थे। सौदा 10 हजार में तय हुआ था। आरोपी को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

10 हजार रुपए में तय हुआ सौदा
एसीबी के डीएसपी शबीर खान ने बताया कि बालाण निवासी बलबीर सिंह ने 16 अक्टूबर को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि एक महिला ने उसके खिलाफ हमीरवास थाने में दो लाख 64 हजार रुपए के लेनदेन का मामला दर्ज करवाया था। मामले को रफा-दफा करने के लिए रामपुरा चौकी के कांस्टेबल जगत सिंह 20 हजार रुपए की डिमांड की। मगर सौदा 10 हजार रुपए में तय हुआ।

पांच हजार रुपए पहले दिए
पीड़ित बलवीर सिंह व कांस्टेबल के बीच दस हजार रुपए में सौदा तय हुआ। एसीबी टीम ने 16 अक्टूबर को परिवादी को पांच हजार रुपए देकर भेजा। शिकायत सही मिलने पर बाकी के पांच हजार रुपए 18 अक्टूबर को देने तय हुआ। कांस्टेबल ने परिवादी को रुपयों के साथ पुलिस चौकी में बुलाया।कांस्टेबल ने रुपए लेते ही लोअर की जेब में रख लिए। जिसके बाद एसीबी ने मंगलवार को जाल बिछाकर कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। टीम में डीएसपी शबीर खान के नेतृत्व में एएसआई नरेन्द्र सिंह, हैड कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल राजपाल सिंह, भंवरलाल, ओमप्रकाश, राकेश कुमार, श्रवण कुमार व संदीप कुमार शामिल थे।

पांच-पांच सौ के दस नोट
पीड़ित बालाण हमीरवास निवासी बलबीर सिंह ने पांच-पांच सौ रुपए के दस नोट लिए थे। जिन्हें एसीबी ने जब्त कर लिया है। डीएसपी ने बताया कि कांस्टेबल जगज सिंह को बुधवार दोपहर एसीबी के बीकानेर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

रुपयों के लेने-देन को लेकर मामला दर्ज
डीएसपी ने बताया कि बालाण निवासी बलवीर सिंह के खिलाफ गुगलवा निवासी बबली पत्नी राम सिंह ने 2 लाख 64 हजार रुपए के लेन-देन के मामले में हमीरवास पुलिस थाना में रिपोर्ट दी थी। रामपुरा चौकी के एसआई रतन सिंह ने मामले की जांच कर वापस पुलिस थाने भेज दी थी। परिवाद की रिपोर्ट बलवीर सिंह के पक्ष में भेजने की एवज में कांस्टेबल जगत सिंह ने रुपए मांगे थे।