बीकानेर: 3 बहनों के इकलौते भाई ने जन्मदिन पर ही उठाया बड़ा कदम कर ली आत्महत्या..
बीकानेर@दैनिक खबरां। हरियाणा के पानीपत शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक युवक ने अपने जन्मदिन के दिन ही सुसाइड कर लिया। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब परिजनों ने जन्मदिन की बधाई देने के लिए उसे कॉल की और उसने रिसीव नहीं की।
जिसके बाद मकान मालिक ने ऊपर कमरे में जाकर देखा तो वहां वह पंखे पर फंदे पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलने के बाद राजस्थान के बीकानेर से परिजन पानीपत पहुंचे। परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने CRPC 174 के तहत इतेफाकिया कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवा कर शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
पानीपत में जन्मदिन पर युवक ने की
आत्महत्या:दिवाली मनाकर बीकानेर से लौटा था; 3 बहनों का इकलौता भाई हरियाणा के पानीपत शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक युवक ने अपने जन्मदिन के दिन ही सुसाइड कर लिया। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब परिजनों ने जन्मदिन की बधाई देने के लिए उसे कॉल की और उसने रिसीव नहीं की।
जिसके बाद मकान मालिक ने ऊपर कमरे में जाकर देखा तो वहां वह पंखे पर फंदे पर लटका हुआ मिला। सूचना मिलने के बाद राजस्थान के बीकानेर से परिजन पानीपत पहुंचे। परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने CRPC 174 के तहत इतेफाकिया कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम करवा कर शनिवार को शव परिजनों को सौंप दिया है। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
बधाई देने के लिए कर रहे थे परिजन कॉल
जानकारी देते हुए अमित स्वामी ने बताया कि वह हिसार का रहने वाला है। उसका रिश्तेदार श्यामसुंदर (25) मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर की सर्वोदय बस्ती का रहने वाला था। जोकि पिछले करीब 2 साल से पानीपत की सेक्टर 13-17 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था।
सुपरवाइजर था श्याम सुंदर
वह पानीपत में घरों में मार्बल पत्थर लगाने वाली लेबर का सुपरवाइजर था। शुक्रवार को उसका जन्मदिन था। उसे जन्मदिन की बधाई देने के लिए परिजनों ने फोन किया था। मगर, उसने कॉल रिसीव नहीं की। परिजनों ने कुछ देर बाद फिर से कॉल की, मगर तब भी कोई जवाब नहीं मिला।
कॉल न उठाने पर ठेकेदार को किया फोन
कई बार कॉल करने पर भी उसका जवाब न मिलने पर परिजनों ने उसके ठेकेदार को कॉल की और श्याम सुंदर से बात करवाने के बारे में कहा। ठेकेदार ने मकान मालिक को कॉल की। मकान मालिक ऊपर श्याम सुंदर के कमरे में गया। उसने देखा कि दरवाजे की कुंडी नहीं लगी हुई थी, मगर वैसे दरवाजा बंद था। दरवाजा खोला तो देखा कि श्याम सुंदर कमरे में पंखे से फंदे पर लटका हुआ है।
परिजनों ने बताया कि श्याम सुंदर दिवाली की छुट्टियों पर घर गया था। दिवाली मनाने के बाद 27 अक्टूबर को वापस पानीपत लौटा था। परिजनों ने यह भी बताया कि उनकी परंपरा के अनुसार दिवाली के बाद घर एवं शहर छोड़ कर जाने पर सभी परिचितों को राम-राम करनी होती है।
सुबह 3 से 4 बजे उठाया कदम
वह यह परंपरा भी सभी से निभा कर पानीपत आया था। यहां आने के बाद मकान मालिक से भी राम-राम की थी। 27 को आने के बाद उसने कमरे पर आराम किया। 28 अक्टूबर को उसका बर्थडे था। 27-28 की आधी रात को ही उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। वहीं, पोस्टमार्टम कर रहे डॉक्टरों ने भी परिजनों को बताया कि उसकी मौत 28 अक्टूबर की सुबह 3 से 4 बजे के बीच हुई है।
3 बहनों का था इकलौता भाई
मृतक श्याम सुंदर 28 अक्टूबर को ही 25 साल का पूरा हुआ था। वह 3 बहनों का इकलौता भाई था। उसकी सबसे बड़ी बहन शादीशुदा है। दूसरे नंबर पर वह था। वह अविवाहित था। उससे छोटी बहन शादीशुदा है। जबकि सबसे छोटी बहन भी अविवाहित है। पिता नवीन कुमार बीकानेर में ही लकड़ी के मिस्त्री हैं। मां मंजू गृहिणी है।

