बेटा होने से नाराज महिला ने नवजात को फेंका पानी में हुई मौत,बेटी का सपना पाले बैठी थी…

झालावाड़

बेटा होने से नाराज महिला ने नवजात को फेंका पानी में हुई मौत,बेटी का सपना पाले बैठी थी…

प्रदेश में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। एक महिला को बेटी चाहिए थी। बेटा होने से नाराज महिला ने अपने तीन दिन के नवजात को पानी में फेंक दिया। जिससे मासूम की मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मामला झालावाड़ जिले के कामखेड़ा थाना इलाके का है। मोगिया बेह गांव की रेखा (28) को 20 जुलाई को अस्पताल में बेटा हुआ। उसका पति कोटा में रीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इस कारण वह तीन महीने से घर नहीं आया था। वह बेटे के जन्म के बाद भी उसे देखने नहीं आ सका।

22 जुलाई को सास-ससुर और रिश्तेदार रेखा को अस्पताल से छुट्टी दिलवाकर मोगिया बेह गांव ले आए। इसी दिन देर रात करीब एक बजे रेखा बाहर से घर में घुसी तो देवर भगवान लाल (25) जाग गया। उसने भाभी को आवाज लगाई तो रेखा डर गई। ईसके बाद सास भी जाग गई। रेखा के हावभाव पर भगवान को शक हुआ।

परिजनों ने उससे पूछा तो उसने बताया कि वह बाहर शौच करने गई थी। जबकि घर में शौचालय बना हुआ है। ऐसे में उसके देवर को शक हुआ। उसने कमरे में जाकर देखा तो बच्चा गायब था। रेखा से जोर देकर पूछा तो बोली- जंगली जानवर ले गया होगा। उसके बाद परिजन बच्चे को ढूंढने लगे। 

23 जुलाई को रेखा के ससुर ने पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में रेखा ने बताया कि रात एक बजे वह बच्चे को अपने साथ लेकर गई थी। घर के पीछे जंगल में पानी से भरे गड्ढे में फेंककर आ गई। रेखा ने बताया कि एक बेटा पहले से था, चाहती थी कि बेटी हो।

2014 में हुई थी शादी

गौरतलब है कि 10वीं तक पढ़ी-लिखी रेखा की शादी 2014 में कालूलाल लोधा से हुई थी। दोनों को छह साल का बेटा है। लोगों का कहना है कि रेखा डिप्रेशन में थी। उसकी डिप्रेशन की दवा भी चल रही थी।