30 हजार लोगों की सेहत दांव पर! सुजानदेसर में वर्षों से बह रहा ज़हरीला पानी, कांग्रेस नेता बिशनाराम ने उठाई सुधार की मांग
दैनिक खबरां,बीकानेर। शहर के सुजानदेसर क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जहरीले एवं गंदे पानी की गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष विशनाराम सियाग ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में बताया गया कि सुजानदेसर स्थित चांदमल जी का बाग करीब 150 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां वर्षों से गंदे और जहरीले पानी का जमाव बना हुआ है। इससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भारी परेशानी हो रही है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी घरों में घुस रहा है, जिससे कई मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और सड़कें भी टूट चुकी हैं। बारिश के दौरान हालात और अधिक भयावह हो जाते हैं।
विशनाराम सियाग ने बताया कि यह क्षेत्र 30 हजार से अधिक आबादी वाला है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं द्वारा खाई खुदाई के नाम पर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया, जिससे समस्या और विकराल हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी की दो मुख्य दिशाएं हैं। एक ओर मोदी भट्टा क्षेत्र से होकर लक्ष्मीनाथ मंदिर रोड, गोपेश्वर बस्ती, खेतेश्वर बस्ती, मोहन सराय और बड़ी शेख मंदिर क्षेत्र तक पानी पहुंच रहा है। वहीं दूसरी ओर सोमनाथ कुटिया क्षेत्र से नत्थूसर गेट, जनता प्याऊ, पुराना शहर और छोटा रानीसर होते हुए श्रीरामसर तक नालों के माध्यम से गंदा पानी बह रहा है।
पूर्व में आरयूआईडीपी, यूआईटी और नगर निगम अधिकारियों द्वारा चांदमल बाग को रेत से भरने का निर्णय लिया गया था, जिस पर हाईकोर्ट ने भी आपत्ति जताई थी। अधिकारियों द्वारा कई बार निरीक्षण कर समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक स्थायी हल नहीं निकला। कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि सुजानदेसर एवं आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को गंदे पानी से हो रहे भारी नुकसान से राहत दिलाने के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाए जाएं।

