नाल एयरपोर्ट पर फ्रांसीसी दंपती के बैग से संदिग्ध खोपड़ी बरामद, वाइल्ड लाइफ एक्ट में कार्रवाई
दैनिक खबरां,बीकानेर। नाल सिविल एयरपोर्ट पर शनिवार 13 दिसंबर की रात सुरक्षा जांच के दौरान एक फ्रांसीसी पति-पत्नी के सामान से जानवर की खोपड़ी जैसी संदिग्ध वस्तु मिलने से हड़कंप मच गया। दंपती दिल्ली जाने के लिए चेक-इन कर रहा था, तभी एयरपोर्ट स्टाफ को एक बैग पर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर उसमें वाइल्डलाइफ आर्टिकल जैसा दिखने वाला आइटम मिला, जिसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने वस्तु को जब्त कर जांच शुरू की। प्रारंभिक परीक्षण में खोपड़ी हड्डी की और उससे जुड़े सींग लकड़ी के होने की पुष्टि हुई है।
वन विभाग ने रविवार को दोनों विदेशी नागरिकों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया, हालांकि कुछ देर बाद ही उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। बरामद खोपड़ी किस जानवर की है, इसकी स्पष्ट पहचान के लिए इसे देहरादून स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने में लगभग 20 से 25 दिन का समय लग सकता है। इस दौरान पति-पत्नी शनिवार रात से ही वन विभाग की निगरानी में रहे और मामले की जानकारी दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास को भी दी गई।
वन मंडल बीकानेर के डीएफओ वेंकटेश ने बताया कि शुरुआती तौर पर वस्तु कृत्रिम प्रतीत हो रही थी, लेकिन पुख्ता पुष्टि के लिए इसे बीकानेर के राजूवास स्थित राज्य पशु चिकित्सा प्रयोगशाला भेजा गया है। यदि जांच में यह किसी वन्यजीव का अंग पाया जाता है, तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग तस्करी की संभावना को ध्यान में रखते हुए भी मामले की जांच कर रहा है।
पूछताछ में दंपती ने बताया कि वे भारत घूमने आए हैं और यह वस्तु उन्होंने नागालैंड में आयोजित एक प्रदर्शनी से खरीदी थी। वे शुक्रवार को बीकानेर पहुंचे थे और शनिवार रात दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। इस घटना के बाद शनिवार रात वन्यजीव प्रेमी मोखराम धारणिया के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता वन विभाग कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। स्थिति बिगड़ती देख सदर थाने को सूचना दी गई, जिस पर थानाधिकारी सुरेंद्र पचार मौके पर पहुंचे और समझाइश कर मामला शांत कराया। फिलहाल वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

