
@दैनिक खबरां।आज का दिन हिंदुस्तान और उसकी सेना के लिए बेहद खास होने वाला है क्योंकि आज भारतीय वायुसेना को सबसे हल्का अटैक हेलिकॉप्टर मिलने जा रहा है और इसमें सबसे खास और गर्व करने वाली बात ये है कि हेलिकॉप्टर कहीं से खरीदा नहीं जा रहा ये देश में तैयार हुआ हेलिकॉप्टर है।
लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानि HAL ने तैयार किया है। आज उत्तर प्रदेश के झांसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एलसीएच को भारतीय वायुसेना को सौपेंगे। जानिए एलसीएच के वायुसेना के बेड़े में शामिल होने का मतलब क्या है और ये अटैक हेलिकॉप्टर चीन को कितना बड़ा जवाब है।
इस अचूक हथियार से दुश्मन को डर क्यों लगता है?15 से 16 हजार की फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने की क्षमता.विश्व का इकलौता ऐसा हेलिकॉप्टर जो दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में उड़ान भरने के साथ-साथ मुश्किल ऊंचाईयों पर ना सिर्फ टेकऑफ और लैंड कर सकता है बल्कि दुश्मन पर निशाना साधने की ताकत भी रखता है।बर्फ की चोटियों पर माइनस 50 डिग्री सेल्सियस से लेकर रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान में भी कारगर।
हवा से हवा और हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलों से लैसऔर 13 सालों की कड़ी मेहनत के बाद तराशा गया पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस के 75 साल पूरे होने के मौके पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। यूपी के झांसी में तीन दिन तक ये कार्यक्रम चलेगा। कार्यक्रम के पहले दिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने झांसी पहुंचकर इसकी शुरुआत की थी। आज कार्यक्रम के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी झांसी पहुंचेंगे और देश में बने लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल करेंगे इसके अलावा थलसेनाध्यक्ष को ड्रोन की खेप सौंपी जाएगी जिसकी जरूरत लगातार भारत चीन सीमा पर महसूस की जा रही थी।

