बीकानेर: देरी करना पड़ा, जीवन पर भारी, पटवारी परीक्षा देने के बाद सीधे रवाना नहीं हुए थे नागौर के दोस्त, समय पर निकलते तो टल सकती थी तीन दोस्तों की मौत

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देरी करना पड़ा, जीवन पर भारी,पटवारी परीक्षा देने के बाद सीधे रवाना नहीं हुए थे नागौर के दोस्त, समय पर निकलते तो टल सकती थी तीन दोस्तों की मौत

बीकानेर, @दैनिक खबरां। रविवार को पटवारी परीक्षा शाम साढ़े पांच बजे ही खत्म हो गई थी। बड़ी संख्या में बाहर से आए अभ्यर्थी परीक्षा खत्म होने के साथ ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। कोई नागौर से आया तो कोई सीकर या चूरू से। अपनी खुद की गाड़ी से आए केंडिडेट चाहते थे कि अंधेरा होने से पहले निकल जायें ताकि आसानी से अधिकांश दूरी तय हो जाए। जो रोड़वेज, प्राइवेट बस या फिर ट्रेन से आए थे, वो भी इन स्टेशन्स पर पहुंच गए। इसके विपरीत नागौर के रुण गांव से आए दोस्तों को कुछ और ही मंजूर था। विलम्ब से निकले और नोखा कस्बे से पहले नोखा गांव में एक ट्रक से एक्सीडेंट में तीन दोस्त अपनी जान गंवा बैठे।

ये दोस्त अलग अलग सेंटर्स पर थे, वहां से एक जगह एकत्र हुए, भोजन किया और फिर निकले। अगर परीक्षा समाप्त होने के बाद सीधे निकल जाते तो भी दुर्घटना टल सकती थी। बताया जा रहा है कि एक ही गांव से होने व सेंटर बीकानेर ही होने के कारण जीप किराए पर की। जीप चालक ने तीनों को उनके सेंटर पर छोड़ा और फिर वापस लिया। अपनी गाड़ी होने के कारण ये लोग आराम से निकले थे। बीच रास्ते में भोजन भी किया। बंद जीप होने के कारण सब हंसी मजाक और पेपर पर डिसकस करते हुए जा रहे थे। नोखा कस्बे से पहले नोखा गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से इनकी टक्कर हो गई। दोनों आपस में इतने जबर्दस्त भिड़े कि जोर से धमाका हुआ। वहीं आसपास खड़े मुरली गोदारा सहित कई लोग घटना स्थल की ओर दौड़े। वहां पीछे की ओर बैठे तीन गंभीर रूप से घायल थे और उनकी आवाज नहीं निकल रही थी। वहीं चालक सहित तीन अन्य जीप के क्षतिग्रस्त होने से फंस गए थे। वो चिल्ला रहे थे। काफी देर मशक्कत करके उन्हें बाहर निकाला गया।

छह जनों को पहले नोखा के अस्पताल ले गए, जहां तीन को मृत घोषित किया गया। शेष तीन को पीबीएम अस्पताल रैफर करने में ही एक घंटे से ज्यादा का समय लगा। दरअसल, एम्बुलेंस की व्यवस्था समय पर नहीं हो सकी। एम्बुलेंस के इंतजार में घायलों की हालत बिगड़ती रही।

प्रशासन ने लिया गंभीरता से

इस पूरे मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। रात को जिला कलक्टर नमित मेहता स्वयं पीबीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एडीएम (ए) को घटना स्थल पर भेजा। नागौर के एसडीएम भी मौके पर आए। नोखा के सीओ पुलिस कुछ ही देर में घटना स्थल और नोखा अस्पताल पहुंच गए। देर रात पीबीएम अस्पताल के सीनियर डॉक्टर्स भी पहुंच गए। रेजीडेंट्स ने भी सक्रियता दिखाई।