8 दिन बाद जिंदगी की जंग हार गई गैंगरेप पीड़िता, 6 दिन तक नाले में पड़ी रही, शरीर में पड़ गए थे कीड़े, तोड़ा दम
नागौर, @Dainikkhabraan। नागौर के पलोट गांव की दलित गैंगरेप पीड़िता मौत से जिंदगी की जंग हार गई है। गुरुवार देर शाम उसने जयपुर स्थित SMS हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। पिछले 8 दिन से वो यहां वेंटिलेटर पर एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रही थी। 8 दिन पहले वो गांव के बाहर एक खाई में पडी मिली थी।
दो दिन बाद पुलिस ने खुलासा कर बताया था कि एक नाबलिग सहित दो आरोपी उसे 4 फरवरी को बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह में ले गए। जहां उससे गैंगरेप किया गया। इसके बाद उसके गहने लूटे और गला दबाकर मरी समझ खाई में फेंक कर भाग गए। पीड़िता जिंदा थी लेकिन उसके शरीर में कीड़े पड़ गए थे। अगले 6 दिनों तक वह अचेत पडी रही। नागौर SP राममूर्ति जोशी ने ये पुष्टि कर दी है कि जयपुर स्थित SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान गुरुवार शाम पीड़िता की मौत हो गई है।
परिजनों को पुलिस खुलासे पर भरोसा नहीं
पीड़िता के काका ससुर सहित अन्य परिजनों को पुलिस खुलासे पर भरोसा नहीं है। उनके आरोप हैै कि पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपियों को बचा रही है। इस पूरे मामले को लेकर दलित समाज में भारी रोष है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद डीडवाना SHO और एक अन्य लापरवाह पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया था।
6 दिन पहले SP ने किया था ये खुलासा
6 दिन पहले नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने खुलासा करते हुए बताया था कि महिला से गैंग रेप के आरोपी सुरेश मेघवाल को गिरफ्तार किया गया। नाबालिग को भी डिटेन किया गया। महिला सुरेश को पहले से जानती थी। 4 फरवरी को फोन से बुलाने पर वह गांव के बाहर आई थी। सुरेश व नाबालिग उसे बाइक पर बैठाकर ले गए और सुनसान जगह दोनों ने गैंग रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर पीड़िता से मारपीट की और गला दबा दिया। वह अचेत हुई तो उसे मरा समझकर उसके गहने लूटे और तालाब की खाई में फेंककर फरार हो गए।
छह दिन तक खाई में पड़ी तड़पती रही
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गुरुवार को महिला का पता लगाया तो वह तालाब की खाई में पड़ी मिली। उसके शरीर पर नाखून की खरोंच के निशान थे। प्राइवेट पार्ट भी जख्मी था। पुलिस ने पीड़िता को डीडवाना स्थित बांगड़ हॉस्पिटल अस्पताल पहुंचाया। यहां से जयपुर रेफर कर दिया। फिलहाल SMS हॉस्पिटल में पीड़िता का इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपियों से गहने बरामद कर लिए और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली।
लापरवाही बरतने पर CI और हेड कॉन्स्टेबल को किया था सस्पेंड
पीड़िता के परिजनों ने महिला के गायब होने के दो दिन बाद 6 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई। दो आरोपियों पर शक भी जताया। आरोप है कि पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बल्कि जिन दो संदिग्धों को पकड़ा, उन्हें छोड़ दिया। नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने गुरुवार देर शाम ही डीडवाना सीआई नरेंद्र जाखड़ व हेड कॉन्स्टेबल प्रहलाद सिंह को सस्पेंड कर दिया था। दोनों पर मामले में लापरवाही बरतने व अधिकारियों से जानकारी छिपाने का आरोप था।

