4 साल बाद होगी रीट: इस बार 60% अभ्यर्थी बढ़े, मेरिट पर पड़ेगा सीधा असर, कट ऑफ 78% से ऊपर जाने की उम्मीद…..

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60% अभ्यर्थी बढ़े, मेरिट पर पड़ेगा सीधा असर, कट ऑफ 78% से ऊपर जाने की उम्मीद। 16 लाख से अधिक आवेदन आए, पिछली बार से 6 लाख ज्यादा, 2017 में 10 लाख शामिल हुए थें।

जयपुर/बीकानेर, @dainikkhabraan। 26 सितंबर को प्रस्तावित रीट परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों ने तैयारी शुरू कर दी है। रीट शिक्षक भर्ती को लेकर छात्र-छात्राएं उत्साहित है। लेकिन इस बार रीट में कॉन्पिटिशन पिछले साल की तुलना में टफ होगा। जाहिर है 4 साल से रीट की परीक्षा नहीं हुई है, जिसके कारण इस बार छात्र-छात्राओं की संख्या में 6 लाख की बढ़ोतरी हो गई है। वर्ष 2017 में हुई रीट भर्ती परीक्षा में करीब 10 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

मगर इस बार यह आंकड़ा 16 लाख से अधिक है। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के पीछे एक कारण यह भी है कि 2011 और 2012 में हुई आरटेट और 2015 व 2017 रीट प्रमाण पत्र की वैधता अब समाप्त हो चुकी है। हालांकि अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने से कट ऑफ मेरिट पर भी इसका असर पड़ेगा। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में सिलेक्शन करवाने के लिए इस बार अभ्यर्थियों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।

वर्ष 2017 में हुई रीट फर्स्ट लेवल में हाईएस्ट कट ऑफ 132 और सेकंड लेवल में 136 गई थी। उधर, लंबे समय बाद रीट की परीक्षा होने से अभ्यर्थी भर्ती के पदों में बढ़ोतरी की मांग भी कर रहे हैं। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र यादव ने सीएम को ज्ञापन देकर रीट भर्ती परीक्षा के पदों में बढ़ोतरी की मांग की है।

वर्तमान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 43 हजार पद खाली हैं। पिछले साल रीट भर्ती परीक्षा में सरकार ने 31 हजार पदों की घोषणा की थी। एक साल में रिक्त पद बढ़ गए। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि रीट भर्ती परीक्षा अब 31 हजार के बजाय 38 हजार पदों पर हो सकती है।

स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने से इस बार रीट की कट ऑफ अधिक जाने की संभावना है। एक्सपर्ट वसुनंदन पुरोहित बताते हैं कि कोरोना में स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी का पूरा टाइम मिला है। स्टूडेंट्स पिछले डेढ़ साल से तैयारी में जुटे हुए हैं। कट ऑफ मेरिट 78% से अधिक जाने की संभावनाएं हैं। 2017 में जनरल वर्ग की सामाजिक अध्ययन में सबसे अधिक 75.53% कट ऑफ रही।