प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश में कोविड-19 की स्थिति
सीएम गहलोत ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता, जनता से अपील
कोरोना संक्रमण को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने चिंता जताई है
जयपुर, @Dainikkhabraan। कोरोना संक्रमण को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने चिंता जताई है। गहलोत ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि ब्रिटेन, जर्मनी और चीन समेत तमाम देशों में कोविड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देश के कुछ हिस्सों में भी संक्रमण में बढ़ोत्तरी हुई है। इसकी गंभीरता को देखते हुए मुंबई से वीसी द्वारा कोविड की परिस्थितियों पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में की जा रही सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक में भाग लिया। सीएम ने कहा कि कोविड के बढ़ते मामलो को एक चेतावनी के तौर पर लेकर हम सबको दोबारा से कोविड प्रोटोकॉल की पालना शुरू कर देनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश में कोविड-19 की स्थिति पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। लोगों को वायरस के खिलाफ सभी सावधानियां बरतने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि बीते दो वर्ष में कोरोना को लेकर ये हमारी 24वीं मीटिंग है। कोरोना काल में जिस तरह केंद्र और राज्यों ने मिलकर काम किया है, उसने कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। ये स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती अभी पूरी तरह टली नहीं है। ओमिक्रॉन और उसके सब वैरिएंट्स किस तरह गम्भीर परिस्थिति पैदा कर सकते हैं। ये यूरोप के देशों में हम देख सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में लंबे समय के बाद स्कूल खुले हैं। ऐसे में कोरोना के मामले बढऩे से कहीं न कहीं अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है। बच्चों के संक्रमित होने की खबरें सामने आ रही है। लेकिन संतोष की बात है कि बच्चों को वैक्सीन का कवच मिल रहा है। छह से 12 साल तक के बच्चों के लिए कोरोना टीकाकरण की अनुमति मिल गई है। पहले की तरह स्कूल में विशेष अभियान चलाने की जरूरत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दो साल के भीतर देश ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ऑक्सीजन तक सुधार किया है। आज कोरोना की जो स्थिति है, उसमें यह जरूरी है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों का आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर किया जाए और पॉजिटिव आने वाले मरीजों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए जरूर भेजे जाएं। पीएम ने कहा, यह सुनिश्चित करें कि जनता में पैनिक न फैले। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का काम चलता रहना चाहिए। सारी सुविधाएं संचालित स्थिति में हों, यह भी सुनिश्चित करें। अगर कहीं कोई समस्या है, उसे उच्च स्तर पर सुलझाया जाए।

