सिर में फंसी थी कुल्हाड़ी, डॉक्टरों ने 4 घंटे ऑपरेशन कर बचाई महिला की जान
भोपाल, @dainikkhabraan। जिसकी किस्मत में जिंदगी लिखी होती है उसकी मदद के लिए खुद भगवान उतर आते हैं। कभी डॉक्टर के भेष में कभी किसी और रूप में। भोपाल में बेहद कुशल डॉक्टरों (Doctors) की टीम उस महिला के लिए भगवान ही साबित हुई जिसके सिर में 3 इंच गहरे तक कुल्हाड़ी फंस गयी थीं।
डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन (Operation) किया और महिला की जान बचा ली। ये वाकया विदिशा जिले की सिरोंज तहसील का है। वहां के एक नजदीकी गांव में हुए झगड़े के बाद 36 साल की रेखा दांगी के सिर में किसी ने कुल्हाड़ी मार दी थीं। कुल्हाड़ी रेखा के सिर में 3 इंच तक गहरी जाकर फंस गयी।
गनीमत ये रही कि उसकी जान नहीं गयी। परिवार वाले उसे तत्काल भोपाल लेकर भागे। रेखा को गंभीर अवस्था में उस समय नर्मदा ट्रामा सेण्टर लाया गया।
सिर में 3 इंच गहरी फंसी थी कुल्हाड़ी
जिस समय महिला को लाया गया वो गहरी बेहोशी में थी और उसके सिर से तेजी से खून बह रहा था। अस्पताल के डायरेक्टर स्पाइन सर्जन और ट्रामेटोलॉजिस्ट डॉ. राजेश शर्मा, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. रेनू शर्मा की टीम ने न्यूरो सर्जन डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, एनेस्थेसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत यशवंते सहित वस्कुलर सर्जन, जनरल सर्जन, प्लास्टिक सर्जन के साथ महिला का ऑपरेशन शुरू किया।
ऑपरेशन 4 घंटे चला और रेखा के सिर से कुल्हाड़ी निकाल ली गयी। डॉ शर्मा ने बताया कि मरीज़ को इमरजेंसी ट्रीटमेंट देने के बाद सीधे ऑपरेशन थियेटर में लिया गया। इस प्रकार के केस में सी टी स्कैन में चोट का सही अंदाज़ा लगा पाना मुश्किल होता है। साथ ही बिना ऑपरेशन थियेटर में ले जाये कुल्हाड़ी नहीं निकाल सकते थे। क्योंकि जो ब्लीडिंग इस समय तक नहीं दिखती वो कुल्हाड़ी निकलते समय अचानक से शुरू हो सकती है।
कुल्हाड़ी सिर की त्वचा, मसल और हड्डी को भेदती हुई लगभग 6 से 8 सेंटीमीटर तक धंसी हुयी थीं। सबसे पहले त्वचा को हटाकर हड्डी को हटाया गया। इस स्थान पर एक मिडिल मेनिंजन आर्टरी होती है वो रप्चर थीं। डॉक्टरों ने उसे रिपेयर किया। अंदर जितना ब्लड का क्लॉट था उसे निकाला।
डॉक्टरों ने जिस स्थान पर ड्यूरा की लेयर होती है उसे रिपेयर किया। यह ऑपरेशन लगभग तीन से चार घंटे चला। इसके बाद यह जानने कि सिर में कोई गहरी चोट तो नहीं है मरीज़ का तुरंत सी टी स्कैन करवाया गया। जब डॉक्टर सी टी स्कैन कि रिपोर्ट से संतुष्ट हो गए कि ऑपरेशन सफल रहा तब मरीज़ को इंटेंसिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया।
अब मरीज़ की स्थिति बेहतर है। डॉक्टरों को खतरा था कि दिमाग के अंदर हेमरेज हो सकता है। दिमाग के जिस भाग में ये चोट लगी उस स्थान से काफी खून की नसें गुज़रती हैं।
कुल्हाड़ी निकालते समय अधिक रक्त स्राव होने से मरीज़ की जान को ऑपरेशन करते समय खतरा हो सकता था। इसलिए प्लास्टिक और वस्कुलर सर्जन की पूरी टीम के साथ यह ऑपरेशन किया गया। चूंकि महिला के सिर से रक्तस्राव ज्यादा हो रहा था उसे ब्लड चढ़ाया गया। साथ ही उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया गया। कुल्हाड़ी के वार के कारण महिला के सिर के साथ ही उसके चेहरे की हड्डी में भी फ्रैक्चर हुआ है।
मरीज़ रेखा के परिवार वालों ने हमले का कारण स्पष्ट नहीं बताया है। उनका कहना है हमले के वक्त हमारा पूरा परिवार जगराते में गया था। उस दौरान किसी अज्ञात शख्स ने रेखा के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। रेखा को पहले तत्काल सिरोंज के अस्पताल में ले जाया गया। उसके बाद भोपाल लेकर आए।

