लिव-इन में रह रही 19 वर्षीय मेस में काम करने वाली युवती ने किया सुसाइड…..

कोटा पुलिस कार्रवाई राजस्थान राज्य

लिव-इन में रह रही युवती ने किया सुसाइड : लड़के के घरवालों ने रंग देखकर शादी के लिए मना किया, भंडारे से भगाकर लाया था

कोटा, @dainikkhabraan। शहर के विज्ञान नगर थाना क्षेत्र के मेस का काम करने वाली युवती ने शुक्रवार को कमरे में फांसी लगा सुसाइड कर लिया। मृतका मंजू (19) पड़ालिया, राजगढ़ एमपी की रहने वाली थी। दो महीने से अपने मंगेतर के साथ लिव इन में रह रही थी। फिलहाल सुसाइड के कारण सामने ने नहीं आए है। । पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार परिजनों ने मंजू की शादी सेमलाबे निवासी राजेश उर्फ राजू के साथ तय की थी। 7 मई को फेरे होने थे। इस बीच लड़के के परिजनों ने मंजू के रंग को लेकर शादी करने से इंकार कर दिया। कुछ समय बाद मंजू भंडारे में प्रसादी लेने गई तो उसी दौरान उसका मंगेतर राजेश उसे भागकर ले गया। दोनों भागकर कोटा आ गए और ठेकेदार के पास मजदूरी करने लगे। दोनों मीणा छात्रावास के पीछे एक कमरे रहते थे। राजेश मजदूरी करता था व मंजू मेस में काम करती थी। मंजू ने गुरुवार तड़के कमरे में एंगल से फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।

शव के लिए इधर उधर घूमते रहे परिजन
परिजन राधेश्याम तंवर ने बताया कि मंजू की मौत की सूचना गुरुवार सुबह 8 बजे राजेश के बड़े भाई केसर ने दी। और लाश लेने के लिए सेमलाबे गांव बुलाया। गांव पहुंचे तो वहां मंजू की लाश नहीं थी। लाश को राजस्थान-एमपी बार्डर पर कालीपीठ थाना क्षेत्र में होना बताया। वहां जाकर देखा तो वहां भी शव नहीं था। बाद में कालीपीठ थानाधिकारी व एसपी से शिकायत की। तब पता लगा कि शव कोटा में ही है। परिजनों का कहना है कि घर से भगा कर लाने के बाद एक भी बार मंजू से फोन पर बात नहीं करवाई गई। राजेश से प्रताड़ित होकर मंजू ने सुसाइड किया होगा।

शव लेकर गांव पहुंचे, पुलिस ने वापस भेजा
राजेश व उसके परिजन मंजू के शव के बारे में जानकारी छिपाते रहे। मंजू का शव लेकर गांव पहुंच गए। लेकिन एमपी पुलिस ने उन्हें वापस कोटा भेज दिया। तक जाकर दोपहर 4 बजे मंजू का शव कोटा एमबीएस की मोर्चरी में रखवाया गया। विज्ञान नगर थाना के जांच अधिकारी अब्दुल रशीद ने बताया कि मंजू दो महीने से राजेश के साथ रह रही थी। दोनों घर से भागकर आए थे। मंजू ने गुरुवार तड़के 5 बजे फांसी लगाई थी। फिलहाल आत्महत्या के कारण सामने नहीं आए है। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।