जयपुर, @dainikkhabraan। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राजस्थान सरकार सख्त है। लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार ने कठोर निर्देश जारी किए हैं।
राज्य सरकार ने आखिरकार 5 से 19 मार्च तक के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। बढ़ते कोरोना को देखते हुए इस 15 दिवसीय गाइडलाइन में सरकार ने सख्ती की है।
नाइट कर्फ्यू पर फैसला जिला कलेक्टर पर छोड़ा गया है। इसके लिए सरकार ने कहा कि जिला कलेक्टर अपने जिले में कोरोना संक्रमण की स्थितियां देखते हुए रात आठ से सुबह 6 बजे तक अपने स्तर पर कर्फ्यू लगा सकते हैं। इससे अधिक समय तक कर्फ्यू लगाने की स्थिति में सरकार से पूर्व अनुमति लेनी होगी। वहीं वैवाहिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक व समस्त जन आयोजनों के लिए अधिकतम संख्या सौ निर्धारित की गई है। इसके तहत बंद स्थलों पर क्षमता के पचास प्रतिशत व अधिकतम सौ की संख्या अनुमत रहेगी। वहीं एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में खुले स्थानों पर भी सौ की संख्या का नियम लागू होगा। वैवाहिक आयोजनों में आमंत्रित मेहमानों की संख्या अधिकतम सौ रखनी होगी।
सरकार ने कक्षा 1 से नौ तक नियमित कक्षा गतिविधियों पर रोक लगा दी है। कॉलेज के अंतिम वर्ष के अलावा शेष सभी यूजी पीजी की नियमित कक्षाएं बंद कर दी गई है, हालांकि प्रायोगिक परीक्षा हेतु नियमित तैयारी अनुमत की गई है।
100 से ज्यादा नहीं जा सकेंगे शादी समारोह में
आगामी दिनों में मांगलिक कार्यों (शादी-समारोह) पर भी एक बार फिर कोरोना का ग्रहण लग गया। सरकार ने समारोह में मेहमानों की अधिकतम सीमा 100 निर्धारित की है। मौजूदा समय में शादी समारोह में मेहमानों के लिए अधिकतम सीमा 200 है।
ये जारी किए नये नियम
कक्षा 1 से 9वीं तक की क्लासें नहीं लगेगी। कॉलेज शिक्षा में अंतिम वर्ष के अलावा शेष सभी यूजी और पीजी के नियमित कक्षाएं बंद रहेगी। लेकिन प्रेक्टिकल क्लास के लिए अनुमति रहेगी।
रेस्टोरेंट पर नाइट कर्फ्यू लागू होगा, लेकिन टेक अवे और डिलीवरी की व्यवस्था सुचारू रख सकेंगे। अर्थात नाइट कर्फ्यू के दौरान रेस्टोरेंट में बैठाकर खाना नहीं खिला सकेंगे। सिनेमा घर, मल्टीप्लेक्स, मनोरंजन पार्क, जिम, स्विमिंग पूल बंद रहेंगे।
सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, खेल, मनोरंजन व शैक्षिणक कार्यक्रम या आयोजन सशर्त हो सकेंगे। इसमें इंडोर एक्टिविटी हॉल की क्षमता का 50 प्रतिशत कैपेसिटी के साथ अधिकतम 100 से ज्यादा व्यक्तियों की अनुमति नहीं होगी।
जहां कोरोना के मरीज ज्यादा है वहां राज्य के लोगों को यात्रा करने से बचने की सलाह। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी अब हरियाणा और दिल्ली से राजस्थान में प्रवेश करने वालों को कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बॉर्डर पर भी सख्ती शुरू हो गई है। हरियाणा बॉर्डर पर 72 घंटे के पहले की नेगेटिव कोरोना रिपोर्ट लाना जरूरी होगी। इसके बगैर एंट्री नहीं मिलेगी। बाहरी वाहनों की सघन जांच शुरू हो गई है, बिना रिपोर्ट के आने वाले यात्रियों वापस भेजा जाएगा। वहीं भारी और मालवाहक वाहनों को राजस्थान में एंट्री दी जा रही है।
शिक्षण संस्थानों को लेकर सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया है कि एक कोविड मरीज़ आते ही उस संस्थान में छुट्टी कर दी जाएगी। सरकार ने नागरिकों को वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रोत्साहित किया है। इसी कड़ी में राजकीय कार्यालयों को 75 प्रतिशत कार्मिकों को ही बुलाने को कहा गया है, शेष को घर से ही काम करना होगा। अंतर्राज्यीय व अंतर जिला यात्राएं ना करने की अपील की गई है। सिनेमा हॉल, स्वीमिंगपूल, जिम, मल्टीप्लेक्स आदि भी इस समय के दौरान बंद रहेंगे। वहीं रेस्टोरेंट के लिए नाइट कर्फ्यू की पालना सुनिश्चित की जाएगी, हालांकि टेक अवे एवं होम डिलीवरी की सुविधा दी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त कई प्रकार से सख्ती की गई है। देखें संपूर्ण गाइडलाइन







