जयपुर/बीकानेर, @dainikkhabraan। राजस्थान में कोरोना का संक्रमण चार महीने बाद दोबारा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। प्रदेश में कोरोना के आंकड़े चार महीने के सर्वाधिक स्तर पर हैं। राज्य में बुधवार को 2801 नए मरीज मिले हैं, वहीं संक्रमण के कारण 12 लोगों की मौत हो गई।
नए मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी के कारण अब सक्रिय केस भी बढ़कर 18146 के आंकड़े पर पहुंच चुके हैं। जयपुर में नए मरीजों की संख्या 500, उदयपुर में 400 तो जोधपुर में 300 पार हो चुकी है। आठ जिले कोरोना की भयावह स्थिति से गुजर रहे हैं। ना संक्रमण दर किसी तरह कम हो रही है और ना ही रिकवरी रेट बढ़ रही है और ना संक्रमण से होने वाली मौतें थम रही हैं।
महामारी के लिहाज से अप्रैल का महीना भयावह होता जा रहा है। आम लोगों की बाजारों में बिना मास्क भीड़ बता रही है कि वे अब इस महामारी को लेकर गंभीर और सतर्क नहीं हैं। महामारी की शुरुआत के बाद राज्य में पहली बार 11 नवंबर को पहली बार नए मरीजों की संख्या दो हजार के पार पहुंची थी। तब 11 नवंबर को 2080 नए कोरोना पॉजिटिव मिले थे।
इसके बाद से मरीजों का आंकड़ा लगातार रिकॉर्ड स्तर पर रहा और 10 दिनों में ही यह संख्या 3 हजार पार कर गई। 21 नवंबर को राज्य में पहली बार रिकॉर्ड 3007 नए मरीज मिले थे। अब नए कोरोना पॉजिटिव की संख्या फिर से उसी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने जा रही है।
राज्य के आठ जिलों में कोरोना संक्रमण हाई रिस्क पर है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा, राजसमंद, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, अजमेर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इन जिलों में नाइट कर्फ्यू के अलावा सरकार व प्रशासन धरातल पर कोई ठोस निर्णय नहीं कर पाया है।
सरकार ने 22 मार्च से जयपुर सहित 8 शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया था, लेकिन यह भी बेअसर होता हुआ दिख रहा है। नाइट कर्फ्यू के बाद से अब तक राज्य में मिले मरीजों में 65 फीसदी इन्हीं 8 शहरों से हैं।

