राजस्थानी भाषा को राज भाषा का दर्जा देने व स्कूल व्याख्याता में राजस्थानी साहित्य के पदों पर भर्ती निकालने के लिए शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन….

बीकानेर

राजस्थानी भाषा को राज भाषा का दर्जा देने व स्कूल व्याख्याता में राजस्थानी के पद निकालने हेतू डॉ बी डी कल्ला को दिया ज्ञापन।

बीकानेर, @dainikkhabraan। राजस्थानी भाषा को राज भाषा का दर्जा देने हेतू राजस्थानी मोट्यार परिषद द्वारा शनिवार को शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला को ज्ञापन दिया गया और डॉ. कल्ला से राजस्थानी भाषा के बारे में चर्चा की गयी।

डॉ. नमामि शंकर आचार्य ने डॉ. कल्ला से कहा की राजस्थान के 10 करोड लोगों की मातृ भाषा राजस्थानी को राज भाषा का दर्जा दिलाया जाए

राजेश चौधरी ने डॉ. कल्ला से कहा की अभी आने वाली स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा में राजस्थानी का एक भी पद सम्मिलित नही किया गया है जबकि 6-7 पद खाली है ।

प्रशांत जैन ने कहा की पूरे राजस्थान से सैकड़ो की तादाद में स्कूलों से राजस्थानी विषय खुलवाने हेतू प्रस्ताव भिजवा रखे है तो उन स्कूलों में राजस्थानी विषय जल्द से जल्द खुलवाना जाए ।

शिक्षा मंत्री डॉ. कल्ला ने कहा की वो राजस्थानी भाषा की मान्यता के शुरू से ही पक्षधर रहे है और 2003 मे सर्व सम्मति से प्रस्ताव उनके द्वारा ही भिजवायें गया था और अब राजस्थानी भाषा की राज भाषा हेतू पुरा प्रयास करूगां।

ज्ञापन देने हेतू डॉ गौरी शंकर प्रजापत, भरत दान, राकेश विश्नोई, मनीष विश्नोई, भरत कुमार डेलू, रामोवतार उपाध्याय, भगवाना राम कुमावत, विनोद माली, सुरेन्द्र, विशाल आदि मौजूद थें।