बेटे की किडनी नहीं लेना चाहता था पिता, किया सुसाइड: बोला- बेटे की जिंदगी हो जाएगी खराब, ट्रांसप्लांट से 2 दिन पहले दी जान
नाथद्वारा थाना क्षेत्र के उथनोल गांव में एक अधेड़ ने तालाब में कूदकर सुसाइड कर लिया। मृतक का दो दिन बाद दिल्ली एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट होने वाला था। मृतक का बेटा अपने पिता को किडनी देने वाला था। ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल में पैसे भी जमा करवा दिए गए थे। पिता बेटे की किडनी लेने के लिए राजी नहीं था। उसे लगा कि किडनी देने के बाद बेटे के जीवन पर असर पड़ेगा।
दरअसल आमेट निवासी भंवरलाल मेवाड़ा (47) पुत्र धर्मचंद्र मेवाड़ा का शव उथनोल गांव स्थित तालाब में मिला। ग्रामीणों ने रविवार सुबह तालाब के पास खड़ी कार को देख आसपास कार मालिक की तलाश की, लेकिन कोई दिखा नहीं। शाम को तालाब में एक व्यक्ति की लाश दिखी। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर नाथद्वारा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला। इसके बाद कार के नंबरों के आधार पर परिजनों का पता लगाकर सूचना दी। पुलिस ने शव को लालबाग उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।एएसआई रामचंद्र ने बताया कि मृतक की दोनों किडनी खराब थी। दो दिन बाद दिल्ली एम्स में उसका किडनी ट्रांसप्लांट होना था। मृतक का बड़ा बेटा राहुल (25) किडनी डोनेट करने वाला था, लेकिन मृतक ट्रांसप्लांट के लिए राजी नहीं था। उसका कहना था कि किडनी देने से बेटे का जीवन भी खराब हो जाएगा। रविवार सुबह रिश्तेदारों के यहां जाने का कहकर घर से निकला। दोपहर तक फोन नहीं लगने पर परिजन तलाश कर रहे थे। मृतक ने मोबाइल फोन और पर्स कार में रख लॉक कर दी थी। इसके बाद जूते और कपडे़ तालाब किनारे रख सुसाइड कर लिया। पुलिस ने परिजनों द्वारा की रिपोर्ट पर मृग दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
बड़ा बेटा देने वाला था किडनी
मृतक भंवरलाल मेवाड़ा आमेट में देवगढ़ रोड स्थित जलदाय विभाग के ऑफिस के पास रहता था। मृतक के परिवार में पत्नी प्यारी देवी (45) दो बेटे राहुल (20), संजय (20) और एक बेटी पूजा (22) है। बड़ा बेटा राहुल मृतक को किडनी देने वाला था। मृतक के बेंगलुरु में सोना-चांदी और गिरवी की दुकान है। मृतक कोरोना काल के बाद से ही आमेट में रह रहा था। जबकि उसके दोनों बेटे दुकान संभालते हैं। राहुल की शादी हो रखी है और उसके एक लड़का है। संजय और पूजा की अभी शादी नहीं हुई है।

