दीपावली पर भी ड्यूटी पर तैनात रहा जवान शहीद: दो महीने पहले आए थे गांव, लेकिन दीपावली सियाचिन ग्लेशियर पर ही मनाई; दो दिन में नोखा के दो लाल हुए शहीद
नोखा/बीकानेर, @दैनिक खबरां। नोखा के खेड़ली गांव के सुबेदार तुलसाराम सियाग सियाचिन ग्लेशियर में राष्ट्र को सेवा करते हुए रविवार को शहीद हो गए। जिला प्रशासन को शहीद के बारे में सेना से रिपोर्ट मिल चुकी है। उनकी पार्थिव देह बुधवार तक बीकानेर पहुंच सकती है।
तुलसाराम के परिवार के कुछ सदस्यों को इस घटना की जानकारी दी गई है, लेकिन ये नहीं बताया गया कि किस तरह तुलसाराम शहीद हुए। उनके भाई प्रेमलाल ने बताया कि उनके पास सिर्फ इतनी ही सूचना है कि तुलसाराम ग्लेशियर में शहीद हो गया है। वो स्वयं ये पता करने में जुटे हैं कि किस तरह ये घटना हुई।
तुलसाराम की ड्यूटी पिछले ढाई साल से सियाचीन ग्लेशियर में ही थी। दो महीने पहले नोखा अपने गांव खेड़ली आए थे। परिवारजनों ने दीपावली पर भी गांव में रहने की जिद की लेकिन देश सेवा को प्रथम बताते हुए वो वापस सियाचीन चले गए थे। दीपावली भी वहीं पर मनाई। किसी सेंटर पर जवान की ड्यूटी तीन साल की होती है और दो महीने बाद तुलसाराम की ये अवधि भी पूरी होने वाली थी। नई पोस्टिंग का इंतजार ही चल रहा था। साभार भास्कर

