प्रेमिका ने प्रेमी के साथ मिलकर सास को जहरीले सांप से डंसवाकर मरवाया….

झूझूनू

झुंझुनूं,@दैनिक खबरां। प्रेमिका की सास का पहले तकिए से मुंह दबाकर फिर सांप से डंसवाकर मारने वाले प्रेमी की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा- हत्या की वारदात में जहरीले सांप का इस्तेमाल हथियार के तौर पर करना जघन्य अपराध है। राजस्थान में हत्या के लिए किसी जहरीले सांप का इस्तेमाल करना असामान्य है। अपराध को अंजाम देने के लिए बहुत ही नया तरीका अपनाया गया है। आरोपी रिहा करने लायक नहीं है। चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोली की बेंच के सामने यह अनोखा केस आया था।

यह पूरा मामला झुंझुनूं के बुहाना क्षेत्र के सागवा गांव का है। एक फौजी की पत्नी ने आशिक के साथ मिलकर सास को रास्ते से हटाने के लिए ऐसा कुचक्र रचा कि पुलिस भी भौंचक रह गई थी। पहले दोनों ने सास का गला घोंटा, फिर उसके पास जहरीला सांप छोड़ दिया, ताकि मौत का कारण सांप का डंसना साबित किया जा सके।

इसमें दोनों काफी हद तक सफल भी हो गए थे, पर पुलिस की सतर्कता और कॉल रिकॉर्ड ने सारा भेद खोल दिया। पुलिस ने बहू, उसके प्रेमी और सपेरे को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कहानी को समझने के लिए हम आपको 3 साल पीछे लेकर चलते हैं।

बात जून, 2018 की है। बुहाना (झुंझुनू) के सागवा निवासी अल्पना जांगिड़ की शादी आर्मी के जवान सचिन से हुई थी। उसकी पोस्टिंग असम में थी। घर पर अल्पना, सचिन की मां सुबोध और उसके पिता रहते थे। पिता भी काम से अक्सर शहर से बाहर रहते थे। ऐसे में घर में अल्पना और उसकी सास सुबोध ही ज्यादा साथ रहती थीं। अल्पना का चक्कर जयपुर निवासी मनीष मीणा से चल रहा था।

अल्पना अधिकतर समय मनीष से फोन पर बात करती रहती थी। वीडियो कॉल पर भी दोनों के बीच खूब बात होती थी। इसकी जानकारी आस-पड़ोस के भी लोगों को थी। सास इसका विरोध करती थी। अल्पना नहीं मानी तो एक दिन सास ने स्पष्ट कह दिया कि अगर सुधार नहीं हुआ तो वह अपने बेटे सचिन को पूरी बात बता देगी।

सास को रास्ते से हटाने की योजना
अल्पना ने अपने प्रेमी मनीष मीणा के साथ मिलकर सास सुबोध को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उन्होंने तय किया कि हत्या की वारदात को इस तरह अंजाम दिया जाएगा कि पूरा मामला हादसा लगे। अल्पना ने मनीष और उसके दोस्त के साथ मिलकर जयपुर के सामोद के सपेरे से एक जहरीला सांप खरीदा। घटना वाले दिन रसोई के रास्ते मनीष ने अल्पना के घर में प्रवेश किया। सांप को एक बैग में डाला गया।

2 जून 2018 की रात में अल्पना ने नींद की गोली मिलाकर केले का जूस पिला दिया। सास गहरी नींद में सो गई। फिर प्रेमी के साथ मिलकर बहू ने तकिए से उसका मुंह दबा दिया। फिर सांप वाला बैग कमरे में रख दिया। सुबह सास मृत पाई गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत का कारण सर्पदंश बताया गया।

सपेरे को बुलाकर सांप पकड़वाया
किसी को शक न हो, इसलिए अल्पना ने सपेरे को बुलवाया। उसने कमरे से जहरीले सांप काे पकड़ा और ले गया। इससे यह भी साबित हो गया कि जहरीला सांप कमरे में था। पूरे मामले को अभी तक हादसा बताने में दोनों कामयाब रहे थे। झुंझुनूं पुलिस भी यही मानकर चल रही थी। पुलिस का माथा तब ठनका जब उसने अल्पना की कॉल डिटेल निकाली।

वारदात वाले दिन अल्पना और मनीष मीणा के बीच 100 से ज्यादा बार बातचीत हुई थी। आस-पड़ोस में पूछताछ में सामने आया कि कल्पना रातभर अपने प्रेमी के साथ वीडियो कॉल करती थी। इसके अलावा सास ने बहू को कई बार प्रेमी मनीष मीणा के साथ भी देख लिया था। पुलिस की जांच में भी सामने आया कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से फोन पर संपर्क में थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज
पुलिस के अनुसार, सास की पाेस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सबकुछ सामने आ गया। मौत का कारण दम घुटना बताया गया था। साथ ही, सांप का जहर भी बॉडी में मिला था। इससे साफ था कि दम घुटने के बाद सांप ने भी उसे काटा था। वारदात के करीब 7 माह बाद पुलिस ने बहू अल्पना जांगिड़, उसके प्रेमी मनीष मीणा और उसके दोस्त कृष्ण कुमार मीणा निवासी अभयपुरा किशनगढ़ रेनवाल जयपुर को गिरफ्तार कर लिया था।

सख्ती से पूछताछ हुई तो पुलिस सपेरे तक पहुंच गई। वही सपेरा इस केस में गवाह बना। उसने मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दिया कि अल्पना के आशिक के कहने पर उसने सांप की व्यवस्था की थी।

मनीष के वकील का तर्क
अल्पना के आशिक की तरफ से एडवोकेट आदित्य कुमार चौधरी ने सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच के सामने दलील दी कि मनीष मीणा क्राइम सीन पर मौजूद नहीं था। उसे कैसे साजिश का हिस्सा माना जा सकता है। जब यह किसी को नहीं पता कि सांप किसको काटेगा? किसी कमरे में जहरीले सांप को छोड़ने का यह मतलब नहीं है कि सांप को पता है कि उसे किसे काटना चाहिए। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड की विश्वसनीयता की जांच नहीं की। मनीष एक साल से ज्यादा वक्त से जेल में है।

जमानत देने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी जमानत खारिज करते हुए कहा कि हत्या की वारदात में जहरीले सांप का इस्तेमाल हथियार के तौर पर करना जघन्य अपराध है। आप कथित तौर पर इस साजिश का हिस्सा थे और सपेरे के जरिए आपने हत्या में इस्तेमाल हथियार ‘सर्प’ की व्यवस्था की। आप इस स्टेज में जमानत पर रिहा करने के लायक नहीं हैं।

बहू जयपुर तो प्रेमी और उसका साथी खेतड़ी जेल में बंद
बहू अल्पना जयपुर जेल में बंद है। उसका प्रेमी मनीष मीणा और सहयोगी खेतड़ी जेल में हैं। तीनों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में पहले अर्जी लगाई थी। जमानत नहीं मिली तो मनीष मीणा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।