प्रशासन गांवों के संग अभियान में घूस लेने का प्रदेश में पहला मामला
शिविर में बुलाकर ली रिश्वत
कृषि भूमि को आवासीय में कन्वर्जन के बदले मांगे थे 65 हजार रुपए
-जिसमें 40 हजार रुपए घूस के और 25 हजार फीस के थे शामिल
शाहपुरा, @dainikkhabraan। आमजन को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े और फिजुलखर्ची से बचाने के लिए सरकार की ओर से प्रदेशभर में प्रशासन गांवों व शहरों के संग अभियान शुरू किया है। पूरी सरकार इस अभियान को लेकर सक्रिय है और जीरो टोलरेंस की नीति अपनाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं भी शिविरों में जाकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
वहीं, दूसरी तरफ शाहपुरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चिमनपुरा में गुरुवार को आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान में ही कन्वर्जन के एवज में 20 हजार की घूस लेते एक कनिष्ठ सहायक (जूनियर असिस्टेंट) को एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा है। जिससे इस अभियान की जीरो टोलरेंस नीति की कलई खुल गई है।
संभवतया यह पहला मामला है, जिसमें प्रशासन गांवों के संग अभियान में कर्मचारी को घूस लेते पकड़ा है। एसीबी की टीम ने तहसील कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक जितेन्द्र कुमार व्यास को 20 हजार रुपए घूस लेते दबोचा है। प्रशासन गांवों के संग अभियान में रिश्वत लेते कर्मचारी पकड़े जाने से शिविर में मौजूद कर्मचारियों और समूचे इलाके के कर्मचारियों व अधिकारियों में हडक़म्प मच गया। एसीबी कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
65 हजार में तय हुआ सौदा, जिसमें 40 हजार घूस मांगे
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम वर्मा ने बताया कि क्षेत्र के निवासी एक परिवादी को अपनी कृषि भूमि को आवासीय में कन्वर्जन कराना था। उसने शाहपुरा तहसील में कार्यरत कनिष्ठ सहायक जितेंद्र कुमार से संपर्क किया तो उसने भू-रूपान्तरण के एवज में कुल 65 हजार रुपए मांगे। जिसमें 25 हजार रुपए फीस के और 40 हजार रुपए घूस के शामिल थे।
इस पर परिवादी ने कनिष्ठ सहायक को 25हजार फीस और 20 हजार रुपए रिश्वत के दे दिए थे। शेष 20 हजार घूस की राशि बाद में देना तय हुआ। कनिष्ठ सहायक ने घूस की शेष 20 हजार की राशि लेने के लिए परिवादी को गुरुवार को चिमनपुरा ग्राम पंचायत में आयोजित प्रशासन गांवों के संग अभियान शिविर में बुलाया। जहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने कनिष्ठ सहायक को घूस लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
एक अधिकारी व कर्मचारी के मौके से नदारद होने की रही चर्चा
इधर, एसीबी की कार्रवाई के दौरान शिविर में मौजूद एक अधिकारी व कर्मचारी मौके से नदारद हो गए। हालांकि एसीबी ने उनकी संलिप्तता नहीं बताई, लेकिन कार्रवाई के दौरान दोनों का मौके से नदारद होना लोगों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। शेष सभी कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
शिविर स्थल से बाहर बुलाकर ली घूस
एसीबी की टीम ने बताया कि कनिष्ठ सहायक ने परिवादी को शिविर स्थल के टैण्ट से बाहर चंद कदम दूर सडक़ के पास बुलाकर घूस की राशि ली। इसी दौरान वहां जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने दबोच लिया। इधर, एसीबी की टीम ने बताया कि कनिष्ठ लिपिक के शाहपुरा की भैरू कॉलोनी स्थित मकान पर भी तलाशी ली गई है।

