केदारनाथ महादेव मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव, केदारनाथ धाम की प्रतिकृृति के मंदिर में मूर्तियों का प्रतिष्ठा, महास्नान व नगर परिक्रमा संपन्न…..

बीकानेर

केदारनाथ महादेव मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव
केदारनाथ धाम की प्रतिकृृति के मंदिर में
मूर्तियों का प्रतिष्ठा, महास्नान व नगर परिक्रमा संपन्न

बीकानेर, @dainikkhabraan। गंगाशहर में घूमचक्कर परिसर में सेठ श्री फौजराज बांठियां पार्श्वनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट की ओर से बनाएं गए उतराखंड के केदारनाथ तीर्थ की प्रतिकृृति के केदारनाथ महादेव मंदिर में चल रहे प्रतिष्ठा महोत्सव में गुरुवार को शास्त्रोक्त,वैदिक मंत्रोच्चाण से प्रतिमाओं का महास्नान किया गया। शिव सहित विभिन्न आवाहित देवताओं के पूजन, हवन के बाद नगर मूर्तियों की नगर परिक्रमा के रूप् में शोभायात्रा निकाली गई।

ट्रस्ट के धनपत बांठिया ने बताया कि वयोवृृद्ध पंडित नथमल पुरोहित के नेतृृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों ने विधि विधान गुरुवार को प्रतिमाओं का महास्नान दक्षिण, मध्य व उत्तर वेदी बनाकर उसमें कलश स्थापित कर करवाया गया।

कलशों में विभिन्न प्रकार की औषधि, शांतित्योदक,श्रृृंगोदक, तीर्थोंदक, पंच पल्लव, सूरोदक, सवादुक, गन्ने का रस, गोमूत्र, सप्त  7 तरह की मिट्टी, चंदन, आदि डालकर अभिषेक करवाया गया। शोभायात्रा मंदिर से रवाना होकर चोरड़िया चौक, गांधीचौक व मुख्य बाजार होते हुए वापिस मंदिर स्थल पर पहुंची। बैंड बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में पांच ऊंट गाड़ों पर प्रतिमाएं प्रतिष्ठित थीं। महिलाएं मंगल कलश लिए हुए संकीर्तन भजन करते हुए चल रहीं थी।

मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने ’’भगवान केदारनाथ की जय’’ का उद््घोष करते हुए प्रतिमाओं का वंदन किया।

ट्रस्ट के धनपत बांठिया ने बताया कि शुक्रवार को सुबह नौ बजे से मूर्तियों का प्राण प्रतिष्ठा शुरू होगी। करीब सवा सौ साल पहले के कसौटी पत्थर के शिवलिंग, शिव परिवार, रामदरबार, देवी दुर्गा, हनुमानजी, राधाकृृष्ण, भगवान गणेश परिवार, सूर्य आदि देवताओं की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा होगी। मंदिर की बनावट हूबहू उतराखंड के केदारनाथ महादेव मंदिर के अनुसार की गई है। पहाड़ों को विशेष पेंटिंग के जरिए मंदिर में उकेरा गया है । मंदिर के अंदर व बाहर विशेष रोशनी के कारण दर्शन करने वाले श्रद्धालु को निज केदारनाथ धाम के दर्शन का अहसास होगा। मंदिर के धोलपुर के गुलाबी पत्थर का व मकराना के मार्बल का उपयोग किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक व शिक्षा निदेशक ने निभाई भागीदारी
गुरुवार को पुलिस महानिरीक्षक प्रफुल्ल कुमार, शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह, सहित अनेक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर में चल रहे अनुष्ठान में भागीदारी निभाई तथा मंदिर का अवलोकन किया। वयोवृृद्ध पंडित नथमल पुरोहित से आशीर्वाद लिया तथा सेठ श्री फौजराज बांठियां के वंशज व अरुणाचल प्रदेश के आलोंग के जिला पुलिस अधीक्षक राजा बांठिया व अन्य ट्रस्टियों से मंदिर विशेषता व प्रतिष्ठा की विधि की जानकारी ली।  

पुलिस महानिरीक्षक व शिक्षा निदेशक का शिबु बांठिया, नीशु बांठिया, ज्योति व बबीता बांठिया, धनपत, मनोज व संजय आदि ने तिलक कर व दुप्पटा भेंट कर अभिनंदन किया।

मंदिर इतिहास- राजा बांठिया व उनके पिता धनपत बांठिया ने अतिथियों को बताया कि गंगाशहर स्थित श्री राम निवास बगीची, जिसे लोग घूमचक्कर के नाम से जानते है, इसका निर्माण स्वर्गीय सेठ रामचन्द्र बांठिया ने करवाया। बगीची में भगवान पार्श्वनाथ जिन मंदिर की प्रतिष्ठा वैशाख सुदी 15 विक्रम संवत् 1905 यानि करीब 175 साल पहले हुई। इसी संकुल में भगवान महादेव की प्रतिष्ठा सेठश्री फौजराज बांठिया ने पूर्व महाराजा गंगासिंहजी के शासनकाल में 125 साल पहले करवाई थी।

वर्तमान में इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार सेठ श्री फौजराज बांठिया परिवार की ओर से सेठ श्री फौजराज बांठिया पार्श्वनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट, गंगाशहर की ओर से किया जा रहा है। मंदिर का जीर्णोंद्धार व नव निर्माण कार्य का शिलान्यास 11मार्च 2020 को कर कार्य प्रारंभ किया गया। करीब डेढ़ साल से अधिक समय इसके निर्माण कार्य में लगा है। इसमें पाली, उत्तराखंड के प्रवीण कारीगरों, वास्तुकारों व वास्तु शिल्पियों की सेवाएं ली गई।

शुक्रवार को ये होगे अतिथि
शुक्रवार को मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शाम चार बजे के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय संस्कृृति एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल, सम्मानीय अतिथि उर्जा एवं जल संसाधन मंत्री डॉ. बुलाकी दास कल्ला, विशिष्ट अतिथि बीकानेर पूर्व की विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी होंगी।