ऑनलाइन शॉपिंग से 7000 रुपए का डिवाइस मंगवाया, फिर बैंक ऑफ बड़ौदा के सर्वर को हैककर ATM से निकाले 32 लाख रुपए
उदयपुर, @dainikkhabraan। एटीएम सिस्टम को हैक कर बैंक सर्वर में डिवाइस लगाकर 32 लाख की ठगी करने की वारदात में उदयपुर से पकड़ी गई दोनों विदेशी महिलाओं को एसओजी जयपुर ले आई। यहां उनसे गहनता से पूछताछ की गई। जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है।
एसओजी की गिरफ्त में आई यूगान्डा निवासी नानटोंगो एलेक्जेन्ड्रस और गाम्बिया निवासी लोरा कैथ ने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए से मात्र 7000 रुपये का डिवाइस मंगावाया था। नई दिल्ली में किराए का फ्लैट लेकर साइबर ठगी का नेटवर्क स्टार्ट किया। दोनों महिला आरोपियों से दो सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
पहली बार इस तरह की साइबर ठगी का खुलासा
एटीएस एवं एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि इस तरह की वारदात का पहली बार खुलासा हुआ है। विदेशी महिलाओं ने अमेजन से रेसपैडरी पीआई नाम का डिवाइस 7 हजार रूपये में मंगवाया। इस डिवाइस को मोडिफाई कर सर्वर का रूप दिया।
फिर एटीएम में जाकर इस डिवाइस को बैंक के सर्वर पोर्ट की जगह लगा कर वाईफाई से कनेक्ट कर एटीएम से जोड़ दिया। जिससे एटीएम का बैंक के मुख्य सर्वर से सम्पर्क टूट गया। उसके बाद एटीएम मशीन में एटीएम कार्ड लगा कर रुपये निकासी का कमाण्ड दिया। इस कार्रवाई में निकासी को एटीएम डिकलाईन कर देता है पर संदेश बैंक के मुख्य सर्वर तक नहीं जा पाता। अब डिवाइस के माध्यम से एटीएम को उक्त कार्ड वैध होने का संदेश पहुँचाया जाता है तथा अधिकतम राशि 20 हजार रूपये निकाल ली जाती है।
जयपुर में महेश नगर के बैंक के सर्वर को हैककर एटीएम से निकाले 32 लाख रुपए
डीआईजी शरत कविराज ने बताया कि यह डिवाइस एक तरह का छोटा कम्प्यूटर हैं, जो कम्प्यूटर्स के बीच में स्विच के रूप में काम आता है तथा लाईनेक्स प्लेटफार्म से जुड़ा होता है। इस डिवाइस को जयपुर में महेश नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सर्वर को हैक कर लिया। इसके बाद महज तीन दिनों में अलग-अलग 4 एटीएम से 32 लाख रुपये निकालकर उदयपुर पहुंच गई।
वे दोनों वहां भी वारदात को अंजाम देती। दोनों विदेशी महिलाओं ने 14 जुलाई को दिल्ली से जयपुर आकर होटल में रूम लिया था। इससे पहले जयपुर से उदयपुर पहुंची एसओजी पुलिस ने सुखेर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा से दोनों विदेशी महिलाओं को धरदबोचा। इस संबंध में जयपुर में महेश नगर स्थित बीओबी के शाखा प्रबंधक ललित कुमार ने एसओजी की जयपुर साइबर क्राइम थाने पर मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें एसओजी के प्रभारी डीएसपी उमेश निठारवाल, सीआई उम्मेद सिंह, कांस्टेबल सुभाष चन्द्र व सुबेसिंह एवं बैंक ऑफ बड़ौदा की तकनीकी टीम ने अहम रोल निभाया।

