पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से विधायक हैं। दो बार खटीमा से विधायक रह चुके हैं। पिथौरागढ़ के टुंडी गांव में जन्म हुआ। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।
उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- अगर तीरथ सिंह रावत इस्तीफा नहीं दिया होता, तो इससे संवैधानिक संकट पैदा हो जाता। कुछ राज्यों में, कोविड के कारण उपचुनाव में देरी हुई। आज की विधानसभा बैठक में नेता चुने जाएंगे।उत्तराखंड के भाजपा का अब तक के इतिहास पर नजर डाले तो हर बार चुनावी साल में वह मुख्यमंत्री का चेहरा बदलती है। नवंबर, 2001 में राज्य गठन के वक्त अंतरिम सरकार में नित्यानंद स्वामी को मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन जैसे ही विधानसभा चुनाव नजदीक आया तो सवा तीन माह पहले ही सीएम बदल डाला। वरिष्ठ भाजपा नेता भगत सिंह कोश्यारी को सीएम बना चुनावी चेहरा घोषित किया, लेकिन चुनावों में पार्टी हार का सामना करना पड़ा।
इसी तरह वर्ष 2007 के चुनावों में सत्ता मिलने पर मेजर जनरल(रिटायर) बीसी खंडूड़ी को सीएम की कमान मिली। वर्ष 2009 के लोक सभा चुनावों में पांचों सीट गंवाने पर हाईकमान ने उन्हें कुर्सी से उतार दिया और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की ताजपोशी कर दी। जैसे ही विस चुनाव नजदीक आए तो छह-सात माह पहले उन्हें कुर्सी से उतार कर फिर खंडूड़ी को सीएम बना डाला। खंडूड़ी के अगुवाई में हुए चुनाव में पार्टी ने फिर मात खाई।

