आज बनेगा गुरु पुष्य योग, इन उपाय व मंत्रों के जाप से सफलता मिलने की है मान्यता
गुरु पुष्य योग 25 नवंबर 2021 को बन रहा है। पुष्य योग गुरुवार के दिन बनने के कारण इसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र के स्वामी माने गए हैं। पुष्य नक्षत्र को शुभफलकारी माना जाता है। यह नक्षत्र शुभ संयोग निर्मित करता है और इस दिन विशेष उपाय व मंत्र जाप करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता व अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। ज्योतिष के अनुसार, 25 नवंबर का दिन नक्षत्र की दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन गुरु पुष्य शुभ संयोग बनने जा रहा है।
भगवान विष्णु का मिलता है आशीर्वाद
नारदपुराण के अनुसार, गुरु पुष्य योग में जन्मे जातक महान कर्म करने वाला, बलवान, कृपालु, धार्मिक, धनी, कई कलाओं का ज्ञाता, दयालु और सत्यवादी होते हैं। इस नक्षत्र में कई शुभ कार्यों को करना लाभकारी होता है। हालांकि मां पार्वती विवाह के समय शिव से मिले श्राप के कारण पाणि ग्रहण संस्कार के लिए इस नक्षत्र को वर्जित माना गया है।
उपाय- इस शुभ योग में पीपल के पेड़ की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
मंत्र –
वेद मंत्र: ॐ बृहस्पते अतियदर्यौ अर्हाद दुमद्विभाति क्रतमज्जनेषु। यददीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविण धेहि चित्रम।
पुष्य नक्षत्र का नाम मंत्र: ॐ पुष्याय नम:।
नक्षत्र देवता के नाम का मंत्र: ॐ बृहस्पतये नम:।

