कांग्रेस को भाजपा की दूसरी सूची का इंतजार, असंतुष्टों को साधने की रणनीति
जयपुर। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को लेकर भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में प्रदेश में भी 15 प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है तो वहीं 10 और प्रत्याशियों की घोषणा होनी बाकी है। माना जा रहा है कि दूसरी सूची भी जल्द जारी हो सकती है। वहीं प्रत्याशियों को लेकर कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस को भाजपा की दूसरी सूची जारी होने का इंतजार है। उसके बाद ही कांग्रेस अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेगी। बताया जा रहा है कि भाजपा की पहली सूची जारी होने के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है, पार्टी नेताओं की नजर अब भाजपा के उन असंतुष्ट नेताओं पर है, जिन्हें पहली सूची में टिकट नहीं दिया गया है।
इसके अलावा दूसरी सूची में अगर जिन मौजूदा सांसदों को टिकट नहीं मिलता है तो कांग्रेस उनके संपर्क कर उन्हें अपने पाले में लाने का प्रयास करेगी। यही वजह है कि कांग्रेस ने अभी तक भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।
कौन कितना मजबूत इसका रखा जाएगा ध्यान
पार्टी थिंक का कहना है कि भाजपा के उन ही असंतुष्ट नेताओं से संपर्क किया जाएगा कि जिनका अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार है और कहीं न कहीं कांग्रेस विचारधारा से मेल खाते हों। ऐसे नेताओं से ही संपर्क किया जाएगा।
राहुल कस्वां पर भी नजर
जानकारों की मानें तो चूरू से लगातार दो बार सांसद रहे राहुल कस्वां पर भी कांग्रेस की नजर है। गोविंद सिंह डोटासरा सहित शेखावाटी अंचल के कांग्रेस से जुड़े जाट नेता भी कस्वां से संपर्क कर रहे हैं। डोटासरा और राहुल कस्वां दोनों ही पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के धुर विरोधी माने जाते हैं। चर्चा है कि कस्वां को टिकट नहीं दिए जाने के पीछे राठौड़ की नाराजगी भी एक बड़ी वजह है। हालांकि कस्वां समर्थकों को उम्मीद है कि पार्टी दूसरी सूची में किसी और सीट से उन्हें टिकट दे सकती है।
इन सीटों पर खुद को मजबूत मान रही कांग्रेस
वहीं दूसरी ओर प्रदेश में करीब 9 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस खुद को मजबूत मानकर चल रही है। इसकी एक वजह ये भी है कि इन सीटों पर कांग्रेस के 42 विधायक हैं। इन सीटों में डूंगरपुर-बांसवाड़ा, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, चूरु, दौसा, टोंक-सवाईमाधोपुर, करौली- धौलपुर और गंगानगर हैं।

