चालान घोटाले से हिला यूपी!बीकानेर के ट्रक ड्राइवर के केस में हाईकोर्ट ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश, पढ़े खबर

बीकानेर

चालान घोटाले से हिला यूपी!बीकानेर के ट्रक ड्राइवर के केस में हाईकोर्ट ने दिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश, पढ़े खबर

@पत्रकार नारायण उपाध्याय
दैनिक खबरां,बीकानेर/औरैया। बीकानेर जिले के नोखा के गुंदुसर निवासी ट्रक ड्राइवर प्रकाश के साथ उत्तरप्रदेश के औरैया जिले में घोर भ्रष्टाचार और जबरन वाहन छीनने का मामला सामने आया है। इस पूरे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए औरैया जिले के पूर्व आरटीओ सुधेश तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार और संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करने तथा जांच डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी से कराने के आदेश जारी किए हैं।

यह है पूरा मामला
बीकानेर जिले के नोखा के गुंदुसर निवासी ट्रक ड्राइवर प्रकाश के ट्रक नंबर RJ07GD5119 पर 17 मई 2025 को ₹1,40,000 का चालान उत्तरप्रदेश के औरैया जिले  में किया गया। लेकिन आरटीओ ने केवल ₹36,500 की रसीद दी और पूरी राशि राजकोष में जमा कराने के बजाय किसी राजेश्वर त्रिपाठी के निजी खाते में यूपीआई से ट्रांसफर कर दी। वाहन मालिक और चालक ने जब थाने में रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने इंकार कर दिया। इतना ही नहीं, शिकायत की भनक लगते ही एआरटीओ ने उसी ट्रक को जब्त कर दोबारा ₹76,450 का चालान ठोक दिया। ड्राइवर प्रकाश निवासी गुंदुसर, नोखा, बीकानेर ने बताया कि ट्रक को जब्त कर चालान की राशि निजी खाते में डलवाई गई और रसीद पूरी देने से इनकार किया गया। जब थाने में शिकायत की तो आरटीओ अपने लोगों के साथ होटल विशाल ढाबा (औरैया-आगरा रोड) पहुंच गया और गाड़ी जबरन छीन ले गया।

दूसरी गाड़ी पर भी वसूली
वाहन स्वामी ने यह भी बताया कि उनकी दूसरी गाड़ी RJ19GH3289 पर भी 25 फरवरी 2025 को ₹1,09,000 का चालान किया गया था, पर रसीद सिर्फ ₹46,500 की ही दी गई।

हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानते हुए औरैया पुलिस अधीक्षक को आदेश दिए कि सुधेश तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और 3 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट पेश की जाए।

बीकानेर में भी चर्चाएं तेज
बीकानेर से जुड़े इस प्रकरण ने स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और ट्रक ड्राइवरों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। जिलेभर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे बाहर राज्यों में बीकानेर के वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है।