
बीकानेर से बड़ी और निर्णायक खबर; सरकार के लिखित आश्वासन के बाद गोचर आंदोलन स्थगित
Bikaner News दैनिक खबरां। बीकानेर में गोचर भूमि को अराजीराज घोषित किए जाने के बाद उपजे जनाक्रोश ने आखिरकार सरकार को बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया। गोचर भूमि पर संभावित हस्तक्षेप को लेकर संत समाज और गौसेवकों में रोष लगातार बढ़ रहा था, जिसके चलते 27 जनवरी से व्यापक आंदोलन की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण अभियान भी तेज़ी से चलाया जा रहा था।
आंदोलन की गंभीरता को भांपते हुए बीकानेर के भाजपा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने पूरे प्रकरण को संगठन और सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाया। गोचर भूमि को लेकर हालात बिगड़ने की आशंका के बीच जनप्रतिनिधि सक्रिय हुए और लगातार प्रशासनिक अधिकारियों तथा पार्टी नेतृत्व के साथ संवाद किया गया। मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचा, जहां गोचर संरक्षण को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।
सरकार से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद शनिवार को बीकानेर स्थित सर्किट हाउस में गोचर आंदोलन से जुड़े संतों, गौसेवकों और आंदोलन प्रतिनिधियों के साथ भाजपा विधायकों व नेताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों की विस्तृत जानकारी साझा की गई, जिसके बाद सभी पक्षों की मौजूदगी में प्रेस वार्ता की गई।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा गोचर से संबंधित जिन भूमियों को मास्टर प्लान में शामिल किया गया था, उन्हें अब मास्टर प्लान से बाहर किया जाएगा। स्पष्ट किया गया कि भविष्य में गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का मास्टर प्लान लागू नहीं होगा, जिससे गोचर की मूल प्रकृति सुरक्षित रहेगी।
हालांकि यह भी साफ किया गया कि विश्वविद्यालय के सामने प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का कार्य पूर्व स्वीकृत स्थिति के अनुसार जारी रहेगा। साथ ही 24 जनवरी से पहले जिन कार्यों को अनुमति दी जा चुकी है, वे यथावत रहेंगे।
सरकार के लिखित आदेश सामने आने के बाद संत समाज और गोचर आंदोलन से जुड़े लोगों ने 27 जनवरी को प्रस्तावित महापड़ाव को स्थगित करने की घोषणा कर दी। आंदोलनकारियों ने इसे जनभावनाओं की जीत बताते हुए कहा कि गोचर भूमि की सुरक्षा को लेकर आगे भी सतर्कता बरती जाएगी। प्रेस वार्ता में कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, विधायक ताराचंद सारस्वत एवं खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल गोचर आंदोलन के संरक्षक महंत सरजू दास सहित संत समाज और गोचर बचाओ आंदोलन से जुड़े लोग भी बड़ी संख्या में प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे।

