बीकानेर में कड़ाके की ठंड, शहर से गाँवों तक छुटी धुजणी, घने कोहरे से सड़के हुई वीरान,अब मौसम विभाग नें जारी किया ये अलर्ट..

बीकानेर मौसम राजस्थान

बीकानेर में कड़ाके की ठंड, शहर से गाँवों तक छुटी धुजणी, घने कोहरे से सड़के हुई वीरान,अब मौसम विभाग नें जारी किया ये अलर्ट..

दैनिक खबरां, बीकानेर। प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। घना कोहरा और शीतलहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि दिन में भी रात जैसी ठिठुरन महसूस हो रही है। सूरज की मौजूदगी केवल नाम मात्र की रह गई है और सर्द हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बीकानेर की बात करें तो यहां पिछले एक सप्ताह से सर्दी बढ़ रही है तापमान गिर रहा है। बुधवार को भी पूरे दिन सर्दी का असर बना रहा। वंही आज गुरुवार को शहर की सड़कों पर लोग अलाव के आसपास जमा दिखाई दिए, वहीं घरों में लोग हीटर और गर्म कपड़ों के सहारे दिन गुजारते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सुबह ही नहीं, बल्कि दोपहर तक भी कोहरे की चादर छाई रहती है, जिससे हाईवे पर दृश्यता बेहद कम हो गई है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को रेंग-रेंगकर सफर करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों में कोहरे और शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। सीकर, झुंझुनूं और जयपुर सहित 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर समेत 13 जिलों को येलो अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है। सर्दी के असर को देखते हुए एहतियातन प्रदेश के 27 जिलों में गुरुवार को भी स्कूलों में अवकाश रखा गया। वहीं जोधपुर में स्कूली समय में बदलाव करते हुए सरकारी और निजी स्कूलों को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान के आंकड़े भी चौंकाने वाले रहे। बुधवार को श्रीगंगानगर में दिन का तापमान इतना कम रहा कि वह चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर जैसे जिलों की रात की ठंड के बराबर पहुंच गया। राजधानी जयपुर भी इस बार शेखावाटी क्षेत्र के फतेहपुर, पिलानी और चूरू से ज्यादा ठंडी दर्ज की गई।

फसलों के लिए लाभदायक
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले चार से पांच दिनों तक प्रदेश को इसी तरह की तीखी सर्दी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस बीच कोहरा और मावठ किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम गेहूं, सरसों और चना जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, एक ओर जहां सर्दी ने आम लोगों की दिनचर्या मुश्किल कर दी है, वहीं दूसरी ओर यही मौसम खेतों में खड़ी फसलों के लिए संजीवनी बनता नजर आ रहा है।