मनरेगा संविदा कर्मचारियों को राहत, 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को किया जाएगा नियमित; 9 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वालों को मिलेगा फायदा

जयपुर राजस्थान राज्य

मनरेगा संविदा कर्मचारियों को राहत, 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को किया जाएगा नियमित; 9 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वालों को मिलेगा फायदा

जयपुर। राजस्थान में महात्मा गांधी नरेगा योजना (मनरेगा) में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों को भजनलाल सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने मनरेगा में 10 अलग-अलग पदों पर संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए 4966 पदों का सृजन किया है। इन पदों पर अब इन कर्मचारियों को या तो नियमित किया जाएगा या भर्ती में अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।

वित्त विभाग से मिली स्वीकृति के बाद आज ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग ने पदों के सृजन के आदेश जारी किए है। इन पदों को भरने के लिए संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी (जिनको 9 साल या उससे ज्यादा का अनुभव है) को प्राथमिकता दी जाएगी।

आपको बता दें कि पिछले 4-5 साल से संविदा पर काम करने वाले इन कर्मचारियों के संगठन नरेगा कार्मिक संघ (ग्रामीण विकास) लम्बे समय से नियमित करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा गहलोत सरकार के समय मनरेगा में निकली भर्तियों में भी संविदा कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर प्राथमिकता देने की मांग की थी।

इन पदों का किया सृजन
विभाग के उप शासन सचिव की ओर से जारी आदेशों में प्रोग्रामिंग एवं एनालिसिस विशेषज्ञ का एक पद, प्रोग्रामिंग विशेषज्ञ का एक पद, समन्वयक (अभिसरण एवं मूल्यांकन) के 48 पद, समन्वयक (आईईसी/प्रशिक्षण/पर्यवेक्षण) के 40 पद, एम.आई.एस. मैनेजर के 159, कनिष्ठ तकनीकी सहायक के 1698, लेखा सहायक के 622, डाटा एंट्री सहायक के 699, ग्राम रोजगार सहायक के 1548 और सहायक के 150 पद सृजित किए है।