मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
राशन डीलरों ने 7 सूत्री मांगों का मांग पत्र सौंपा
बीकानेर, @Dain8kkhabraan। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष डिंपल कुमार शर्मा के आह्वान पर फेडरेशन के बीकानेर जिला अध्यक्ष एजाज अहमद के नेतृत्व में राशन डीलरों ने मुख्यमंत्री के नाम का सात सूत्रीय मांग पत्र जिला कलेक्टर बीकानेर को सौंपा। वर्ष 2016 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली डिजिटल है एवं पूर्ण ईमानदारी के साथ वितरण कार्य हो रहा है वर्तमान कमीशन में डीलर के परिवार का निर्वहन होना बहुत ही मुश्किल है।
इस संबंध में पिछले 5 वर्षों से राजस्थान सरकार और खाद्य विभाग से लगातार मांग कर रहे हैं। परंतु अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई है, 5 साल पहले तक भारत सरकार की सहमति एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम द्वारा गेहूं, चीनी, केरोसिन व अन्य सामग्री पर छीजत का प्रावधान था, लेकिन पोस मशीन में उसको नहीं रखा गया है। जिसके कारण हम राशन डीलर को बहुत नुकसान हो रहा है और कम होने वाले सामान का भौतिक सत्यापन के दौरान स्टॉक कम पड़ता है और विभागीय अधिकारी कानूनी कार्रवाई करते यहां तक की एफ आई आर भी दर्ज करवा देते हैं।
पोस मशीन में छीजत का प्रावधान लागू किया जाए एवं भारत सरकार द्वारा हाल ही में राज्य सरकार को भी छीजत दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते छीजत का प्रावधान लागू नहीं किया गया है जल्द से जल्द लागू किया जावे।
प्रदेश स्तर पर खाद्य विभाग की तरफ से एफपीएस डीलर की एक बहुत बड़ी धनराशि विभिन्न मदों में बकाया है जैसे पोस मशीन की कीमत से ज्यादा वसूली, चीनी की अंतर राशि, प्राधिकार पत्र की अंतर राशि, आधार सीडिंग की राशि, जन आधार कार्ड सीडिंग की राशि आदि इस संबंध में फेडरेशन द्वारा राज्य सरकार व खाद्य विभाग को कई बार निवेदन किया गया है।
इस पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई है निवेदन है इस विषय में शीघ्र अति शीघ्र राशन डीलर को विभिन्न मदों में जमा राशि लौटाई जावे।
भारत सरकार द्वारा गठित वाधवा आयोग कमेटी की सिफारिशों को तुरंत प्रभाव से लागू करें। ( राजस्थान सरकार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा दिनांक 8 फरवरी 2021 को पत्र क्रमांक एफ/ 17 (14) खाद्य विभाग /न्याय /2015 – TT द्वारा यह भी बताया गया है कि वाधवा आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया गया है।
इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाए जाने के लिए वाधवा आयोग कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जा कर राशन वितरण की व्यवस्था को कंप्यूटराइज किया जा चुका है। वही उचित मूल्य दुकानदारों के आर्थिक हितों की एवं अन्य बिंदुओं को गौण कर दिया गया है भारत सरकार द्वारा गठित वाधवा आयोग कमेटी की संपूर्ण सिफारिशों को यथा शीघ्र लागू किया जावे), अनुकंपात्मक नियुक्ति में गत बजट में रिप्लाई बजट में मुख्यमंत्री द्वारा कुछ बिंदुओं पर शिथिलता प्रदान की गई थी।
मृतक उचित मूल्य दुकानदार की उम्र की बाध्यता को विलोपित किया जाए, मृतक आश्रित की शैक्षणिक, RSCIT योग्यता सहित अन्य बिंदुओं को भी विलोपित किया जावे, वर्तमान परिपेक्ष में राशन डीलर का मानदेय ₹30000 किया जावे। उचित मूल्य दुकानदारों को संविदा कार्मिक घोषित किया जावे, नई उचित मूल्य दुकानदारों की नियुक्ति खाद्य सुरक्षा प्राप्त पात्र 1000 राशन कार्ड एवं चार हजार यूनिट होने पर ही की जावे। जैसे कि वाधवा आयोग की सिफारिश में स्पष्ट उल्लेख है, पोस मशीन रिप्लेसमेंट के नाम पर ₹10 की कटौती पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जावे, एवं जारी किए गए टेंडर को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जावे।
मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के बजट में राजस्थान के राशन डीलरों ने मांग करते हुए सहानुभूति पूर्वक एवं मानवीय मूल्य को दृष्टिगत रखते हुए गेहूं का कमीशन ₹300 प्रति क्विंटल या ₹30000 मासिक मानदेय एवं संविदा कार्मिक घोषित किए जाने की मांग की है। इस दौरान उपखंड क्षेत्र के सभी राशन डीलर मौजूद रहे।

