पुलिस कार्रवाई
चूरू, @dainikkhabraan। पुलिस लाइन में कार्यरत एक हैड कांस्टेबल सतवीर सिंह को परेशान करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि चूरू एएसपी योगेन्द्र फौजदार पर सरदारशहर में कार्यरत कांस्टेबल दिलीप सिंह ने भी उन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा दिया। पीड़ित सिपाही का दोष सिर्फ इतना था कि उसने महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के दौरान मौजूद हैड कांस्टेबल को बचाने में साथ नहीं दिया। पुलिस अधिकारी की लगातार प्रताडऩा से परेशान होकर पीड़ित कांस्टेबल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ती के लिए प्रार्थना की है। पीड़ित कांस्टेबल दिलीप सिंह ने बताया कि वह सरदारशहर में पदस्थापित है। एएसपी चूरू योगेन्द्र फौजदार की ओर से सरदारशहर में कार्यरत महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के मामले में निलंबित हैड कांस्टेबल को बचाने के लिए दबाव बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। अधिकारी की प्रताडऩा से परेशान होकर वह मजबूरन स्वैच्छिक सेवानिवृती लेना चाहता है। पीड़ित ने बताया कि 22 अक्टूबर को सरदारशहर में पदस्थापित हैड कांस्टेबल प्रताप सिंह महिला कांस्टेबल के साथ एमपीआर में हिसार गए थे। रास्ते में प्रताप सिंह हैड कांस्टेबल व सांवरमल वकील ने शराब पी व सांवरमल वकील ने महिला कांस्टेबल से छेडख़ानी कर मारपीट की। जिसका पुलिस थाना सिवानी जिला भिवानी हरियाणा में मामला दर्ज हुआ था।
मामले में प्रताप सिंह जाट हैड कांस्टेबल को निलवाने के लिए एएसपी चूरू योगेन्द्र फौजदार ने पीड़ित कांस्टेबल के पास-पास बार-बार फोन कर डराया। उस पर दबाव डाला कि वो महिला कांस्टेबल को प्रताप का नाम घटना में नहीं लेने के लिए समझाए। जब मना किया तो एएसपी ने धमकाते हुए कहा कि इसका अंजाम तुझे बाद में पता चलेगा। 23 अक्टूबर को उसे जबरदस्ती सिवानी साथ लेकर गए जहां उससे महिला कांस्टेबल को बयान बदलने के लिए दबाव बनाने के लिए कहा गया।
यह था मामला
पीडि़ता कांस्टेबल ने बताया था कि हैड कांस्टेबल प्रताप सिंह के साथ चंडीगढ़ जाने के लिए उसकी ड्यूटी लगाई थी। वे कार में सवार होकर जा रहे थे। जिसमें हैड कांस्टेबल सहित वकील पीछे की सीट पर बैठा था, अन्य वकील कार चला रहा था। हैड कांस्टेबल व आरोपी वकील सांवरमल ने शराब पी रखी थी। थोड़ी देर बाद वकील सांवरमल उससे छेड़छाड़ करने लगा। इस संबंध में हैड कांस्टेबल को बताया तो उसने वकील का साथ देते हुए कोई विरोध नहीं किया। पीडि़ता ने वकील का हाथ नहीं छोड़ा तो आरोपी वकील ने थप्पड़ मार दिया। बाद में प्रताप और वकील ने उसे गाड़ी से एक सुनसान जगह उतार दिया।
जातिवाद का लगाया आरोप
कांस्टेबल ने दिलीपसिंह ने बताया कि एएसपी जिले के पुलिस महकमे में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। इसके अलावा पीड़ित कांस्टेबल ने कई और गंभीर आरोप भी लगाए।
हैड कांस्टेबल ने लगाया था आरोप
कुछ माह पूर्व पुलिस लाइन में कार्यरत हैड कांस्टेबल सतवीर सिंह ने भी एएसपी फौजदार पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को शिकायत कर बताया था कि उसकी कुछ दिन पहले पुलिस नियंत्रण कक्ष में ड्यूटी थी। वहां पर पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने पर व्यवस्था बनाने में दिक्कत हो रही थी। उसे नियम के खिलाफ पुलिस लाइन में भेज दिया। पीड़ित हैड कांस्टेबल ने बताया कि डायबिटिक है, 11 बार उसे अलग-अलग दवाई लेनी पड़ती है। लेकिन अधिकारी के दबाव के चलते उसे परेशान किया जा रहा है।
पहले भी कर चुके हैं तबादले की मांग
सादुलपुर थानाधिकारी विष्णु दत्त विश्नोई आत्महत्या के बाद में थाने में कार्यरत पुलिसकर्मियों ने आईजी को पत्र लिखकर तबादला कराने की मांग की थी। पत्र में पुलिसकर्मियों ने बताया था कि आए दिन ड्यूटी के दौरान झूठी शिकायतें अधिकारियों से की जाती है। पूर्व में कुछ पुलिसकर्मियों का तबादला पुलिस लाइन में किया गया था। इसके बाद थानाधिकारी विश्नोई ने खुदकुशी कर ली। इससे स्टाफ पूरी तरह से भयभीत है। इस घटना से सभी का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका है, इसलिए हम सभी का ट्रांसफर कही और कर दिया जाए।
छेड़छाड़ को एसपी ने लिया गंभीरता से
पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के बाद उसने सरदारशहर थानाधिकारी सहित एएसपी को प्रकरण से अवगत कराया, लेकिन उसे कहीं से मदद नहीं मिली। अंत में एसपी नारायण टोगस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने पर उन्होंने संबंधित थाना पुलिस को भेजा तब जाकर आरोपी वकील को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कराया गया। छेड़छाड़ के बावजूद महिला कांस्टेबल की मदद नहीं करने पर हैड कांस्टेबल प्रताप के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस संबंध में पीड़ित कांस्टेबल ने लिखित आवेदन देकर एएसपी पर सारे आरोप लगाए हैं। एसपी परिवाद को जाचेंगे।
एएसपी बोले तूने हमारे साथ अच्छा नहीं किया।
पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि रविवार को एएसपी फौजदार थाने आए हुए थे। उन्होंने मुझे थानाधिकारी कक्ष व निवास स्थान पर बुलाया। वहां कहा कि तूने हमारे साथ अच्छा नहीं किया हैं। हम तो हैड कांस्टेबल प्रताप बचा लाए, अब तुझे मैं बताता हूं कि नौकरी कैसे होती है। एएसपी के कहने पर नौकरी खराब करने के लिए उसकी गैर हाजरी अंकित की गई। एएसपी ने उस पर थाने का माहौल खराब करने का आरोप भी लगाया। इस संबंध में एएसपी फौजदार ने बताया कि मैं तो आरोपी हूं। आप एसपी से मामले की जानकारी लें।
मामले की करवाएंगे जांच
कांस्टेबल की ओर से भावावेश में आकर शिकायत की गई है, इस संबंध में कांस्टेबल से बात की जा रही है। जो आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच करवाई जाएगी। कोई सत्यता होगी तो जांच में सामने आ जाएगी। पहले एक हैड कांस्टेबल ने जो शिकायत एएसपी के खिलाफ की थी, उसकी जांच कराई गई है। उसमें पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई गई थी। महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ के मामले में सिवानी पुलिस जांच कर रही है, मामला मेरे संज्ञान में आने के बाद हैड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है।

