दिव्या मदेरणा ने अब तक क्यों नहीं की शादी, आखिरकार किया बड़ा खुलासा
जोधपुर। कांग्रेस की फायर ब्रांड नेता और ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा ने अपने चुनावी भाषण में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को करारा जवाब दिया। दिव्या ने कहा कि सोचकर देखिए कि आप जेल की सलाखों में हो और आपकी बेटी शादी मना रही हो। मेरे पिता जेल के अंदर कैसे करवट बदलते होंगे, कैसे दिन कटता होगा। मेरे भाग्य की लकीरों में नहीं लिखा है, क्योंकि भाग्य की लकीरों में सेंट्रल जेल लिखी थी। दरअसल सांसद बेनीवाल ने हाल ही अपने एक बयान में कहा था कि दिव्या को विकास की चिंता छोड़कर शादी कर लेनी चाहिए, क्योंकि शादी से दिमाग सही रहता है।
इससे पहले दिव्या मदेरणा जोधपुर जेल भी पहुंचीं। नामांकन से पहले उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लेकर रातानाड़ा स्थित मंदिर में पूजा अर्चना की। सच्चियाय मंदिर में दर्शन भी किया और दिव्या सिमरथा बाबा समाधि स्थल पर भी पहुंचीं। उन्होंने एक पोस्ट शेयर कर लिखा कि मैंने 10 साल अपने जीवन के (एक दशक )यहां पर सजदे किए हैं। मेरी राजनीतिक पैदाइश इस दर्द और वेदना से हुई है। क्रूंदन और विरह जो नियति ने मेरे भाग्य में लिखा वही से मेरे राजनीतिक संघर्ष का आगाज हुआ। इस अभिशाप के साथ नियति ने मुझे फौलाद की सलाखों से दोस्ताना कराया और उन सलाख़ों ने एक बेटी का किसी भी परिस्थिति में ना टूटने वाला हौसला देख वरदान दिया निडरता का, साहस का, शक्ति का, अनवरत चलने का और फौलाद की तरह तटस्थ रहने का। सार्वजनिक जीवन में जिसे यह निडरता मिल जाये वह कर्तव्य पथ पर हमेशा अभिजीत है, क्योंकि मूल्यों की राजनीति ही असली व अंतिम विजय है।
इससे पहले सोमवार को कांग्रेस, बीजेपी, अभिनव राजस्थान पार्टी व बसपा के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। साथ ही तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी नामांकन भरा। निर्वाचन अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी राजीव शर्मा ने बताया कि सोमवार को कांग्रेस से दिव्या मदेरणा, भाजपा से भैराराम सियोल, सोहनराम नायक (निर्दलीय), श्याम कुमार (बसपा), भोमाराम (अभिनव राजस्थान पार्टी), देवाराम गहलोत और सुरजा राम ने (निर्दलीय) के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद सच्चियाय अतिथि गृह में कांग्रेस की तथा जंभेश्वर मंदिर में भाजपा की सभा आयोजित हुई। यहां नेताओं ने अपने अपने वादों के साथ वोट मांगे।

