पीबीएम फिर सवालों के घेरे में! बड़ा फर्जीवाड़ा होने से पहले ही खुल गई पोल, दर्ज हुआ मुकदमा..

बीकानेर

पीबीएम फिर सवालों के घेरे में! बड़ा फर्जीवाड़ा होने से पहले ही खुल गई पोल, दर्ज हुआ मुकदमा..

बीकानेर@दैनिक खबरां। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है । जिसमे शातिरों ने खूब दिमाग लगाया है। और जो यह मामला है वह अपने आप मे अनोखा भी है क्योंकि अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से 92 लाख की दवाइयां खरीदने का ऑर्डर जारी किया गया है। समय रहते ही इस फर्जीवाड़े की पोल खुल गई जिसके बाद पीबीएम प्रशासन में हड़कंप मच गया।

संभागीय आयुक्त ने इस पुरे मामले में जांच के निर्देश दिए बताते है। जिसके बाद पीबीएम प्रशासन की ओर से इस मामले को लेकर में सदर थाना में एफआईआर दर्ज हुई है। इस संदर्भ में मोहता चौक निवासी मनोज कुमार देराश्री ने सदर थाने में एक परिवाद पेश किया है।

जिसमें बताया है कि 12 अक्टूबर को राजस्थान मेडिकेयर रिलिफ सोसायटी पीबीएम के अधीक्षक और सदस्य सचिव के हस्ताक्षर से चार दस्तावेज प्रस्तुत किये गये। इनमें से एक ओर चार के दस्तावेज तो सही है। लेकिन दो व तीन के दस्तावेज कूटरचित है। ऐसे में कूटरचित दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की गुहार लगाई गई है। पुलिस ने धारा 419,420,465,468 के तहत मामला दर्ज कर जांच एसआई भंवरलाल को सौंपी है।

ये है पूरा मामला..

पीबीएम अधीक्षक डॉ पी के सैनी ने 6 सितम्बर को मैसर्स गणेश डिस्ट्रीब्यूटर को दो आर्डर दिए। जिनमें 3039 और 3015 रूपये की दवाईयां खरीदने के ऑर्डर थे।

किन्तु इसी डिस्ट्रीब्यूटर के नाम से 6790000 और 2438700 रूपये सहित कुल 92 लाख 28 हजार 700 रूपये की दवाईयों के दो अलग ऑर्डर सामने आएं है। इन फर्जी हस्ताक्षर वाले ऑर्डर 15 सितम्बर के है। अब यह मामला प्रकाश में आने के बाद पीबीएम प्रशासन हरकत में आया है और इस प्रकार की हरकत करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।