बीकानेर में प्राइवेट फाइनेंस के नाम पर ठगी,महिला पर बंदूक तानकर बोले-“हमने तुम्हें ठगने के लिए ही पार्टनर बनाया था”

पुलिस कार्रवाई बीकानेर

बीकानेर में प्राइवेट फाइनेंस के नाम पर ठगी,महिला पर बंदूक तानकर बोले-“हमने तुम्हें ठगने के लिए ही पार्टनर बनाया था”

दैनिक खबरां,बीकानेर। बीकानेर में प्राइवेट फाइनेंस के नाम पर ठगी,धमकी और मारपीट का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित महिला रानीबाजार निवासी सुजाता बजाज नें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीकानेर के समक्ष शिकायत दी है, कि कुछ लोग उसे व उसके परिवार को परेशान कर रहें है और जान से मारने की धमकी दे रहें है। महिला का आरोप है कि उसने आरोपियों के ऑफिस जाकर पैसे मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौच की और बंदूक तानकर धमकाया कि “हमने तुम्हें ठगने के लिए ही पार्टनर बनाया था।” इसके बाद आरोपियों नें उसके सिर पर बंदूक तान दी। कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद कोटगेट पुलिस नें चार नामजद सहित 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह है पूरा घटनाक्रम
कोटगेट थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, करीब एक साल पहले सुजाता बजाज की पहचान लोकेन्द्र और मुकेश खान नामक दो व्यक्तियों से हुई थी। दोनों ने लालगढ़ रेलवे हॉस्पिटल के पास प्राइवेट फाइनेंस कंपनी खोलने की बात कहकर साझेदारी का प्रस्ताव दिया। भरोसे में आकर सुजाता ने अपने और पति ओमप्रकाश के नाम से स्टाम्प व कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए।

बाद में आरोपियों ने उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी इकरारनामा बना लिया, जिसमें लिखा था कि सुजाता ने उनसे 12.50 लाख रुपये उधार लिए हैं और अपनी फैक्ट्री उनके नाम कर दी है।

इसी दौरान आरोप है कि अक्टूबर 2024 में लोकेन्द्र ने गहनों की जरूरत बताई। सुजाता ने भरोसे में आकर ज्वैलर्स से लगभग 6.30 लाख रुपये के गहने दिलवाए और गारंटी के रूप में अपना चेक व आईडी जमा करवा दी। जब भुगतान की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे।

करीब पांच महीने पहले जब सुजाता ने ऑफिस जाकर पैसे मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौच की और धमकाया कि “हमने तुम्हें ठगने के लिए ही पार्टनर बनाया था।” इसके बाद आरोप है कि मुकेश खान ने उसके सिर पर बंदूक तान दी और लोकेन्द्र व अन्य साथियों वसीम, रसीद अली व कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर सुजाता को बालों से पकड़कर गाड़ी में डाल दिया और उसके पति की फैक्ट्री ले जाकर नेम प्लेट बदल दी।

पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने आधा किराया खुद वसूलना शुरू कर दिया और लगातार जान से मारने की धमकियाँ देने लगे। 15 मई 2025 की रात जब सुजाता मंदिर से दर्शन कर लौट रही थी, तब आरोपियों ने चेतनानंद महादेव मंदिर के पास उसे घेर लिया, गालियां दीं, मुक्के-थप्पड़ मारे और धमकाया कि फैक्ट्री उनके नाम नहीं करने पर पूरा परिवार खत्म कर देंगे।

घायल सुजाता किसी तरह घर पहुँची और परिजनों को घटना बताई। पुलिस थाना कोटगेट में रिपोर्ट देने गई, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। बाद में उसने जिला पुलिस अधीक्षक और थानाधिकारी को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, पर कार्रवाई नहीं हुई। अंततः 8 अक्टूबर 2025 को उसने अदालत में इस्तगासा दायर किया। अब अदालत के आदेश पर मामला पुलिस जांच में है और तफ्तीश राधेश्याम सउनि के सुपुर्द की गई है। पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। (नोट: पूरा घटनाक्रम कोटगेट थाने में दर्ज पीड़िता के लिखित बयान के मुताबिक दर्शाया गया है।)