जयपुर, @dainikkhabraan। राजस्थान प्रदेश की राजधानी जयपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने शुक्रवार को राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ कड़ा प्रदर्शन किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस राज में प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर अत्याचार बढ़ रहा है। पिछले दिनों झालरापाटन में भी एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसी का विरोध जताने के लिए भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट सर्किल पर जयसिंह हाइवे पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
इस बीच प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि कलेक्टर ने अच्छा बर्ताव नहीं किया। इससे भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के गेट पर ही धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट में गेट को बंद कर दिया।
दोपहर साढ़े बारह बजे पुलिस अफसरों ने समझाइश कर कार्यकर्ताओं को उठाना शुरू किया। इस दौरान एसीपी नवाब खान और एक अन्य इंस्पेक्टर से कहासुनी के बाद भाजयुमो कार्यकर्ता उग्र हो गए। पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्कामुक्की के बाद झड़प हो गई। तब पुलिस ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरु कर दिया। इससे वहां अफरा तफरी मच गई।
युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। इसी दौरान सदर एसीपी नवाब खान से कार्यकर्ता उलझ गए। मामला तूल पकड़ लिया और पुलिसकर्मियों ने भाजयुमो के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया।
घटना के बाद राव राजेंद्र सिंह ने भी ट्वीट कर लाठीचार्ज की निंदा की। इसके अलावा खुद भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां लाठीचार्ज में घायल कार्यकर्ताओं से मिलने एसएमएस अस्पताल पहुंचे। पूनियां ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी। निर्दोष कार्यकर्ताओं पर बेवजह लाठीचार्ज कर बेरहमी से दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया है। इसकी वे निंदा करते है।

