राजस्थान में बीजेपी में शामिल हो सकते है बड़े चेहरे, आठ सांसदों की बढ़ीं धड़कनें

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राजस्थान में बीजेपी में शामिल हो सकते है बड़े चेहरे, आठ सांसदों की बढ़ीं धड़कनें

जयपुर। भाजपा ने पहली सूची में राजस्थान की 25 में से 15 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए, लेकिन दस सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की। इन सीटों में सबसे ज्यादा संघर्ष राजसमंद, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और अजमेर लोकसभा सीटों पर है। विधानसभा चुनाव हार चुके राजेन्द्र राठौड़, सतीश पूनिया पर पहली सूची में कोई फैसला नहीं हुआ। राठौड़ राजसमंद और जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे हैं, जबकि सतीश पूनिया अजमेर और जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी की दावेदारी पर भी पहली सूची में कोई फैसला नहीं हुआ। चतुर्वेदी जयपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे हैं।

दस सीटों में से वर्तमान में दो सीट जयपुर ग्रामीण, राजसमंद पर कोई सांसद नहीं है। दोनों सांसद विधानसभा का चुनाव लड़े थे और अब राज्य में मंत्री हैं। राजसमंद लोकसभा सीट से राजेन्द्र राठौड़, भवानी सिंह कालवी और करणवीर सिंह राठौड़ की सबसे ज्यादा दावेदारी बताई जा रही है। इसी तरह जयपुर शहर लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद रामचरण बोहरा, अरुण चतुर्वेदी, सुनील भार्गव, सुनील कोठारी, अखिल शुक्ला, शेलेन्द्र भार्गव, मुकेश दाधीच, लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने दावेदारी कर रखी है। जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से राव राजेन्द्र सिंह, राखी राठौड़, प्रताप भानु सिंह, राजपाल सिंह और श्रवण बगड़ी का नाम प्रमुखता से सामने आया है।

आठ सांसदों की धड़कनें बढ़ीं
पहली सूची में नाम नहीं आने से वर्तमान आठ सांसदों की धड़कनें तेज हो गई हैं। अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी और नागौर सांसद नरेन्द्र कुमार को विधानसभा चुनाव लड़वाया गया था, वे चुनाव हार गए। इसी तरह सांसद सुभाष चंद बहेड़िया, जसकौर मीना, निहाल चंद मेघवाल, रामचरण बोहरा, मनोज राजोरिया, सुखबीर सिंह जौनपुरिया के टिकट पहली सूची में नहीं आए हैं।

इन 10 सीटों पर घोषणा बाकी
अजमेर, भीलवाड़ा, दौसा, गंगानगर, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, झुंझनूं, करौली-धौलपुर, राजसमंद और टोंक-सवाईमाधोपुर।

जॉइन कराने की तैयारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह कुछ बड़े चेहरों को भाजपा जॉइन करवाई जा सकती है। इनमें एक मारवाड़ और एक बड़ा चेहरा जयपुर ग्रामीण का बताया जा रहा है। दोनों ही कांग्रेस के नेता हैं। यदि जॉइनिंग हो जाती है तो इनमें से किसी एक को लोकसभा चुनाव लड़वाया जा सकता है।

महिलाओं को टिकट देने का दबाव
पहली सूची में एक ही महिला को टिकट दिया गया है। ऐसे में दूसरी सूची में महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का दबाव है। वर्ष 2019 में पार्टी ने तीन महिलाओं को चुनाव लड़वाया था। बताया जा रहा है कि केन्द्रीय चुनाव समिति में यह बात उठ चुकी है कि राजस्थान में कम से कम तीन से पांच महिलाओं को टिकट देना चाहिए। ऐसे में दूसरी सूची में महिलाओं को ज्यादा टिकट देने का दबाव रहेगा।